छत्तीसगढ़

राजस्थान में बंधक बने बिलासपुर के 35 मजदूर,भूखे-प्यासे रखकर बिना पैसे के कराया काम

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बिलासपुर 25 नवम्बर 2022: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के 35 मजदूरों को राजस्थान में बंधक बनाकर मारपीट करने का मामला सामने आया है। मजदूर अपने परिवार के साथ काम करने गए थे, तब उन्हें ठेकेदार ने काम नहीं दिलाया और भूखे प्सासे रखे रहे। जब परेशान मजदूर वहां से काम करने गुजरात चले गए, तब उन्हें वापस लाकर मारपीट भी की गई। मजदूरों ने हेल्प लाइन नंबर से मदद मांगी, तब वहां पहुंची पुलिस ने उन्हें छुड़ाकर वापस भेजा। बिलासपुर पहुंचे मजदूरों ने ठेकेदार और मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

मस्तूरी थाना क्षेत्र के बकरकुदा के साथ ही जांजगीर-चांपा जिले के कोटमीसोनार सहित आसपास गांव के करीब 35 मजदूर कमाने खाने के लिए बीते 26 सितंबर को राजस्थान के बाड़मेरे जिले के जसोल के ग्राम तिलवाड़ा गए थे। सभी मजदूरों को ठेकेदार चंपक लाल लेकर गया था, जहां उन्हें प्रकाश भाई से बात कराया। वहां, जाने के बाद प्रकाश ने उन्हें करीब एक महीने तक सिर्फ खाना खिलाकर बिना मजदूरी दिए काम कराते रहा।

दूसरी जगह जाने की बात सुनकर शुरू किया ईंटभट्‌ठा

मजदूरों ने बताया कि जब एक महीने तक उन्हें मजदूरी दिए बिना काम कराया गया, तब परेशान मजदूरों ने दूसरी जगह काम करने के लिए जाने की बात कही। उनकी बातों को सुनकर प्रकाश भाई ने ईंट बनवाने का काम शुरू किया। लेकिन, इसके साथ ही मजदूरों पर प्रताड़ना भी बढ़ गई। वह ज्यादा काम करने के नाम पर गाली-गलौज और मारपीट करने लगा।

भागकर पहुंचे गुजरात तो लठैत लेकर पहुंचा ईंट भट्‌ठा संचालक

मजदूरों ने बताया कि 26 सितंबर से 17 नवंबर तक मजूदरों ने उनके यहां काम किया। लेकिन, इस दौरान न तो उन्हें सही तरीके से खाना दिया गया और न ही मजदूरी दी गई। उल्टा उनके साथ मारपीट कर उन्हें ज्यादा काम करने के लिए दबाव बनाया जाता रहा। इससे परेशान होकर सभी मजदूर भागकर वहां से गुजरात पहुंच गए। मजदूर दो-तीन साल पहले गुजरात भी कमाने गए थे। वहां उन्होंने अपने पुराने सेठ को आपबीती बताई, उन्हें देखकर उनके पुराने सेठ ने मदद की और खर्च के लिए पैसे भी दिए। तभी उनकी तलाश करते हुए ईंट भट्‌ठा संचालक प्रकाश भाई लठैत लेकर पहुंच गया और उन्हें वाहन में भरकर वापस ले जाने के लिए दबाव बनाने लगा।

सामाजिक संगठन की मदद से हेल्प लाइन से ली मदद, तब पहुंचे बिलासपुर

इस दौरान मजदूरों ने किसी तरह से बिलासपुर के एक सामाजिक संगठन के लोगों से संपर्क किया, तब उन्होंने मदद की और हेल्प लाइन नंबर उपलब्ध कराया, जिसमें कॉल करने पर पुलिस की टीम पहुंची। इसके बाद मजदूरों को छुड़ाकर वापस बिलासपुर भेजा गया। बिलासपुर आने के बाद मजदूरों ने इस मामले की शिकायत कलेक्टर से की है और बंधक बनाकर मारपीट करने वाले ठेकेदार और प्रकाश भाई के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।