RO.NO. 01
Health

पित्त की पथरी से हैं परेशान? डाइट में शामिल करें ये हेल्दी चीजें, मिल सकती है राहत

डेस्क। पित्त की पथरी यानी Gallbladder Stones की समस्या होने पर पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, भारीपन, मतली और उल्टी जैसी परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे में खान-पान का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। संतुलित और कम वसा वाली डाइट कुछ लोगों में लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है। हालांकि, केवल डाइट के जरिए पित्त की पथरी खत्म नहीं होती। लगातार दर्द या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

इन चीजों को डाइट में करें शामिल

फाइबर से भरपूर भोजन: ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस, साबुत अनाज और दालों को डाइट में शामिल किया जा सकता है। फाइबर युक्त भोजन पाचन तंत्र को बेहतर रखने में मदद करता है।

फल और सब्जियां: सेब, नाशपाती, संतरा, पपीता, गाजर, पालक और अन्य हरी सब्जियां डाइट का हिस्सा बनाएं। इनमें फाइबर के साथ कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं।

कम वसा वाले डेयरी प्रोडक्ट्स: अगर दूध या डेयरी उत्पादों से परेशानी नहीं होती है तो कम वसा वाला दूध, दही या छाछ लिया जा सकता है।

पर्याप्त पानी पिएं: दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। इसके अलावा सूप जैसे हल्के तरल पदार्थ भी लिए जा सकते हैं।

इन चीजों से करें परहेज

तला-भुना और ज्यादा वसा वाला खाना: समोसा, कचौरी, फ्रेंच फ्राइज, पूरी, चिप्स और अधिक तेल या घी में बने भोजन का सेवन कम करना बेहतर है। ज्यादा वसा वाला भोजन कुछ लोगों में पित्त की पथरी से जुड़ा दर्द बढ़ा सकता है।

बहुत मसालेदार और भारी खाना: अगर ज्यादा मसालेदार या गरिष्ठ भोजन करने के बाद पेट दर्द या दूसरी परेशानी बढ़ती है तो ऐसे खाद्य पदार्थों को सीमित करें।

पैक्ड और प्रोसेस्ड फूड: पेस्ट्री, कुकीज, केक, चिप्स और अन्य हाई-फैट प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें।

वसायुक्त मांस: फैटी मीट और प्रोसेस्ड मीट में वसा की मात्रा अधिक हो सकती है, इसलिए इनका सेवन सीमित करना बेहतर है। अंडा या चिकन हर व्यक्ति में परेशानी पैदा करे, यह जरूरी नहीं है। इन्हें खाने के बाद लक्षण बढ़ते हैं तो डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेकर मात्रा तय करें।

शराब और ज्यादा कैफीन: अगर शराब या ज्यादा चाय-कॉफी पीने से पेट की परेशानी बढ़ती है तो इनका सेवन कम करें या इससे बचें।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

अगर पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से या बीच में तेज और लगातार दर्द हो, दर्द पीठ या कंधे तक पहुंच जाए, बार-बार उल्टी हो, बुखार आए या आंखों और त्वचा में पीलापन दिखाई दे तो इसे सामान्य न समझें। ऐसे लक्षणों में जल्द डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

नोट: पित्त की पथरी के मरीजों में खान-पान की जरूरत अलग-अलग हो सकती है। डाइट में बड़े बदलाव या उपचार से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन की सलाह लेना उचित है।

 

Share this
advertisement

Kailash Jaiswal

"BBN24 News - ताजा खबरों का सबसे विश्वसनीय स्रोत! पढ़ें छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया की ब्रेकिंग न्यूज, राजनीति, खेल, व्यवसाय, मनोरंजन और अन्य अपडेट सबसे पहले।"

Related Articles

Back to top button