रायपुर सेंट्रल जेल में कैदी की संदिग्ध मौत, आत्महत्या का दावा, परिजन बोले– प्रताड़ना ने ली जान

रायपुर। राजधानी रायपुर की सेंट्रल जेल से एक गंभीर और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जेल में बंद एक विचाराधीन कैदी की मौत हो गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कैदी ने कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या की है, लेकिन परिजनों ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मृतक की पहचान सुनील महानंद के रूप में हुई है, जो पॉक्सो एक्ट के एक मामले में न्यायिक हिरासत में था। घटना के बाद जेल की आंतरिक व्यवस्था और कैदियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
बैरक के भीतर मिली लाश
सूत्रों के अनुसार, जेल की बड़ी गोल बैरक क्रमांक-5 में शाम के समय सुनील महानंद का शव फंदे पर लटका मिला। जेल कर्मियों ने जब उसे देखा, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही जेल परिसर में हड़कंप मच गया।
परिवार का आरोप– मानसिक दबाव में था कैदी
मृतक के परिजनों का कहना है कि सुनील को जेल में लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उनका आरोप है कि उसे डराया-धमकाया जाता था और इसी दबाव के चलते उसकी जान चली गई। परिजन इस मौत को आत्महत्या नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा बता रहे हैं।
घटना की सूचना देने में देरी का दावा
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें घटना की जानकारी काफी देर से दी गई। उनका कहना है कि जेल प्रबंधन ने घंटों तक सच्चाई छिपाए रखी और बाद में औपचारिक सूचना दी गई।
बिना जानकारी शव भेजने का आरोप
परिजनों का दावा है कि शव को बिना उनकी मौजूदगी के मर्चुरी भेज दिया गया, जो नियमों और मानवीय प्रक्रिया के खिलाफ है। इसे लेकर परिजनों में भारी आक्रोश देखा गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने जेल की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कड़ी सुरक्षा के बीच बैरक के अंदर आत्महत्या जैसे हालात कैसे बने, इस पर जवाब तलाशे जा रहे हैं।
पुलिस जांच में जुटी
मामला गंज थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जेल रिकॉर्ड और स्टाफ से पूछताछ के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
उच्चस्तरीय जांच के संकेत
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी जांच के संकेत मिल रहे हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला जेल व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन सकता है।



