छत्तीसगढ़
Reserve Bank of India का सख्त आदेश: बैंक ऐप्स से हटें हिडन चार्ज

नई दिल्ली : नई दिल्ली से आई खबर के मुताबिक, Reserve Bank of India (आरबीआई) ने डिजिटल बैंकिंग सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय बैंक ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप्स में इस्तेमाल हो रहे भ्रामक डिजाइन तरीकों को समाप्त करें।
आरबीआई ने ‘Responsible Business Conduct Amendment Directions, 2026’ के मसौदे में कहा है कि जुलाई 2026 तक सभी बैंक अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म से तथाकथित ‘डार्क पैटर्न’ पूरी तरह हटाएं। ये वे डिजिटल तकनीकें होती हैं, जिनके जरिए ग्राहकों को बिना स्पष्ट जानकारी के अतिरिक्त सेवाएं लेने, अनावश्यक विकल्प चुनने या छिपे शुल्क चुकाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
नए प्रस्तावित नियमों के अनुसार, किसी भी वित्तीय उत्पाद या सेवा की पेशकश से पहले ग्राहक की स्पष्ट और सूचित सहमति अनिवार्य होगी। साथ ही, बिना अनुमति विभिन्न उत्पादों को एक साथ जोड़कर बेचने (बंडलिंग) पर भी रोक लगाने की बात कही गई है।
आरबीआई का मानना है कि तेजी से बढ़ती मोबाइल बैंकिंग के दौर में ग्राहकों के अधिकारों की सुरक्षा और भरोसे को बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसलिए डिजिटल इंटरफेस को सरल, पारदर्शी और उपभोक्ता हित में बनाना बैंकों की जिम्मेदारी है।
बैंकों को नए दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए तय समयसीमा के भीतर अपने ऐप और वेबसाइट की समीक्षा कर आवश्यक बदलाव करने होंगे। केंद्रीय बैंक ने संकेत दिया है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियामकीय कार्रवाई की जा सकती है।



