बंद मकानों का भी हो रहा रिकॉर्ड, छत्तीसगढ़ में जनगणना अभियान जारी

छत्तीसगढ़ में जनगणना का पहला चरण तेजी से आगे बढ़ रहा है। 1 मई से शुरू हुए इस अभियान के तहत प्रदेशभर में प्रगणक घर-घर पहुंचकर मकानों का विवरण और परिवारों से जुड़ी जानकारी जुटा रहे हैं। सर्वे के दौरान नागरिकों से 33 अलग-अलग बिंदुओं पर जानकारी ली जा रही है। गर्म मौसम को देखते हुए अधिकांश टीमें सुबह के समय ही फील्ड में काम कर रही हैं।
जनगणना के दौरान ऐसे कई मकान भी सामने आ रहे हैं, जिनमें लोग मौजूद नहीं हैं या घर बंद मिले हैं। ऐसे मामलों में भी मकानों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। प्रगणक पड़ोसियों और आसपास रहने वाले लोगों से जानकारी जुटाने का प्रयास करते हैं। यदि जानकारी तुरंत उपलब्ध नहीं होती, तो टीम बाद में दोबारा जाकर विवरण अपडेट करती है।
अधिकारियों के मुताबिक, यदि सर्वे अवधि समाप्त होने तक किसी घर में रहने वाले लोगों की जानकारी नहीं मिल पाती, तो उस मकान को “लॉक्ड” या “वैकेंट” श्रेणी में दर्ज किया जाएगा। हालांकि भवन से संबंधित विवरण और मकान नंबर रिकॉर्ड में शामिल रहेगा।
जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रगणक मौके पर ही डिजिटल माध्यम से डेटा दर्ज कर रहे हैं। बंद मकानों की अलग सूची तैयार की जा रही है, ताकि बाद में जानकारी मिलने पर उसे सिस्टम में अपडेट किया जा सके।
प्रदेशभर में इस कार्य के लिए 51 हजार से अधिक प्रगणकों और करीब 9 हजार पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। सभी जिलों को अलग-अलग ब्लॉकों में विभाजित कर सर्वे कराया जा रहा है। यह अभियान 30 मई तक जारी रहेगा।
अब तक राज्य में साढ़े तीन लाख से अधिक मकानों तक सर्वे टीमें पहुंच चुकी हैं। प्रतिदिन जुटाए गए आंकड़ों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है, जिससे डेटा का तत्काल संकलन और निगरानी संभव हो रही है।
राजधानी रायपुर में भी जनगणना कार्य तेजी से चल रहा है। शुरुआती छह दिनों में प्रगणक 60 हजार से ज्यादा घरों तक पहुंच चुके हैं और लाखों नागरिकों का विवरण दर्ज किया जा चुका है। जिले में बनाए गए हजारों जनगणना ब्लॉकों में सर्वे का काम लगातार जारी है।



