सकट चौथ 2026: तीन खास योगों से बढ़ेगा व्रत का पुण्य, कब करें पूजा और कब निकलेगा चांद?

नई दिल्ली। माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला सकट चौथ व्रत संतान की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। इस दिन माताएं निर्जला व्रत रखकर भगवान श्रीगणेश और संकटा माता की विधिवत पूजा-अर्चना करती हैं। मान्यता है कि सकट चौथ का व्रत करने से संतान पर आने वाले कष्ट दूर होते हैं और परिवार में खुशहाली आती है।
सकट चौथ पर बन रहे हैं 3 शुभ योग
इस वर्ष सकट चौथ के दिन ज्योतिषीय दृष्टि से तीन शुभ योग बन रहे हैं, जिनमें पूजा और व्रत का विशेष महत्व बताया गया है—
- लाभ योग – कार्यों में सफलता, आर्थिक उन्नति और मनोकामना पूर्ति का योग
- अमृत योग – व्रत, पूजा और शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम
- प्रदोष काल योग – संध्या समय भगवान गणेश की पूजा के लिए श्रेष्ठ
- इन योगों में की गई पूजा से व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है।
सकट चौथ पूजा विधि
सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें। दिनभर निर्जला व्रत रखें। संध्या समय शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश और संकटा माता की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
गणेश जी को दूर्वा, मोदक, तिल, गुड़ और फल अर्पित करें। कथा सुनें या पढ़ें। चंद्र दर्शन के बाद अर्घ्य देकर व्रत का पारण करें।
दिनभर के चौघड़िया मुहूर्त
- प्रातः काल: लाभ
- दोपहर: अमृत
- सायं काल: शुभ
- रात्रि: अमृत
(स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा अंतर संभव है)
सकट चौथ का भोग
- तिल-गुड़ के लड्डू
- मोदक
- फल और दूध
- खीर या तिल से बने व्यंजन
भोग में तिल का विशेष महत्व माना गया है।
आज चांद कब निकलेगा?
आज चंद्र उदय शाम लगभग 8:40 बजे के आसपास होने की संभावना है। चंद्र दर्शन के बाद अर्घ्य देकर ही व्रत का पारण किया जाता है।



