रायपुर- कलिंगा विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह संपन्न

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रायपुर- कलिंगा विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया जिसमे डिप्लोमा, स्नातक, स्नाकोत्तर और पी.एच.डी. के विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गयी। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ शासन की माननीय राज्यपाल अनुसुइया उइके ने की।


विशिष्ठ अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल और छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. उमेश कुमार मिश्रा उपस्थित थें।नया रायपुर स्थित विश्वविद्यालय प्रांगण में आयोजित इस भव्य समारोह के अवसर पर सभी प्राध्यापकों ने कुलाध्यक्ष महामहिम के साथ, गणवेश धारण किए हुए शोभायात्रा के रूप में दीक्षांत स्थल में प्रवेश किया। समारोह का शुभारंभ कुलाध्यक्ष सुश्री अनुसुइया उइके, अति विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल, छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. उमेश कुमार मिश्रा, – कलिंगा विश्वविद्यालय अध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार, कुलाधिपति डॉ. संदीप अरोरा, उपकुलाधिपति डॉ. सज्जन सिंह, ट्रस्टी डॉ. सीमा अरोरा, ट्रस्टी डॉ. शर्मिला, कुलपति डॉ आर. श्रीधर, महानिदेशक डॉ. बायजू जॉन, कुलसचिव डॉ. संदीप गाँधी और अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. आशा अंभईकर और डीन अकादमिक मामलों प्रोफ़ेसर राहुल मिश्रा की उपस्थिति में माँ सरस्वती के मूर्ति पर दीप प्रज्जवलित कर किया गया।समारोह के प्रथम चरण में कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर. श्रीधर के द्वारा दीक्षांत संदेश प्रस्तुत किया गया।

इसके पश्चात दीक्षार्थियों को डिप्लोमा, स्नातक, स्नाकोत्तर और शोधार्थियों को पी.एच.डी से अलंकृत किया गया। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल ने दीक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि- उपाधिधारक विद्यार्थी अपने भविष्य के उद्देश्य को केन्द्रित करते हुए परिश्रम और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। मार्ग जीवन के प्रत्येक मार्ग में कठिनाईयाँ भी आती हैं किन्तु मजबूत इरादों के साथ उन्हे परास्त किया जा सकता है। उन्होने उपाधिधारक सभी विद्यार्थियों को बधाई दी एवं उनके उज्जवल भविष्य के शुभकामनाएँ प्रदान की।
विश्वविद्यालय की कुलाध्यक्ष और छत्तीसगढ़ शासन की राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि- कलिंगा विश्वविद्यालय ने स्थापना के कुछ वर्षो में ही मध्य भारत के अग्रणी विश्वविद्यालयों में अपना स्थान बना लिया है। उन्होने विश्वविद्यालयों मे प्रदान की जाने वाली अनुसंधानपरक और उच्च गुणवक्तापूर्ण शिक्षा के साथ विश्व स्तरीय अधोसंरचना के लिए विश्वविद्यालय के सभी कर्मचारियों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी। उन्होने कहा कि- दीक्षांत समारोह, विश्वविद्यालय का बहुप्रतीक्षित गौरवशाली अवसर है जिसका प्रत्येक विद्यार्थी को इंतजार रहता है। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होने कहा कि- मुझे पुरी उम्मीद है कि आज उपाधि प्राप्त करने वाले “वसुधैव कुटुम्बकम“ की भावना को स्वीकार करके अपने ज्ञान का प्रसार, समाज, राष्ट्र और मानव जाति के कल्याण कें लिए करेंगे। उन्होंने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि- बदलती परिस्थितियों में नवाचार बहुत जरूरी है। विश्वविद्यालयांे को विद्यार्थियों में अनुसंधान करें और ज्ञान से हम सभी लाभान्वित हों।

कार्यक्रम के अंतिम चरण मे विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. संदीप गाँधी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। मंच संचालन श्री कपिल केलकर विभागाध्यक्ष (फैशन डिजाइनिंग विभाग) और श्रेया द्विवेदी सहायक प्राध्यापक, (पत्रकारिता एवं जनसंपर्क विभाग) ने किया। इस अवसर पर कलिंगा विश्वविद्यालय के सभी संकायों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, शासी निकाय एवं प्रबध्ं मंडल के सदस्य, अभिभावकजन, विद्यार्थी एवं सम्माननीय गणमान्य नागरिक उपस्थित थें।