छत्तीसगढ़
खैरागढ़ अस्पताल में मरीज़ों को बेड नहीं… ईसीजी कॉर्नर पर तकिए पर सोया कुत्ता!

राजनादगांव/खैरागढ़ डायरिया संक्रमण के बीच खैरागढ़ का सिविल जिला अस्पताल खुद बीमारी का अड्डा बन गया है। हालात ये हैं कि मरीजों को भर्ती होने के लिए बेड तक नसीब नहीं हो रहा, लेकिन अस्पताल के ईसीजी कॉर्नर पर तकिए पर सिर रखकर एक कुत्ता आराम फरमाता मिला।
यह नजारा अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और अव्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी है।डायरिया जैसे गंभीर संक्रमण के बीच जब मरीजों को बेहतर इलाज और साफ-सुथरा माहौल मिलना चाहिए, उसी वक्त अस्पताल में लावारिस कुत्तों की मौजूदगी प्रशासन की लापरवाहियों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
जिला मुख्यालय का अस्पताल जहां लोगों को जीवनरक्षक सेवाएं मिलनी चाहिए, वहां की तस्वीरें स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा का आईना बन चुकी हैं।
अब सवाल यह है कि –
- क्या मरीजों की जान लेने के बाद प्रशासन जागेगा?
- जिम्मेदार अफसर और अस्पताल प्रबंधन आखिर किसके भरोसे बैठे हैं?
- डायरिया प्रकोप के बीच खैरागढ़ अस्पताल की बदइंतजामी, जनता की जान से खिलवाड़ से कम नहीं।