जल-जंगल एवं तिरंगा यात्रा से दिया गया एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

बलौदाबाजार, | वन मण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र बल्दाकछार के अंतर्गत परसदा परिवृत्त में बुधवार को “जल-जंगल एवं तिरंगा यात्रा” का आयोजन किया गया। इस आयोजन में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पुटपुरा के छात्र-छात्राएं, शिक्षक, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और स्थानीय ग्रामीणजन उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने प्राकृतिक खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों को खेत की मेढ़ पर वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि इससे भूमि संरक्षण, जैव विविधता में वृद्धि और दीर्घकाल में अतिरिक्त आय सुनिश्चित की जा सकती है।
यात्रा को तीन समूहों — बाघ, तेंदुआ और चीतल — में बांटा गया। सभी समूहों ने लगभग 5 से 6 किलोमीटर का मार्ग तय किया। यात्रा के दौरान वनकर्मी, ग्रामीणजन और शिक्षक प्रतिभागियों को विभिन्न बिंदुओं पर जल संरक्षण, वनों की उपयोगिता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर जानकारी देते रहे। प्रतिभागियों को परसदा नाला पर निर्मित चेक डेम और नाला डायवर्सन का अवलोकन कराया गया और भू-जल संरक्षण में उनकी भूमिका समझाई गई।
साथ ही वनों में पाई जाने वाली प्रमुख वृक्ष प्रजातियों, वन्य जीवों और औषधीय पौधों की भी जानकारी दी गई।
इस अवसर पर उप सरपंच नरसिंह यादव, वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष धर्मेन्द्र रजक, प्रशिक्षु परिक्षेत्र अधिकारी अतुल तिवारी, परिक्षेत्र सहायक जय किशन यादव, प्राचार्य प्रवीण साहू, व्याख्याता दुर्गा प्रसाद देवांगन सहित परिक्षेत्र बल्दाकछार के समस्त अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह यात्रा न केवल एकता और देशभक्ति का संदेश लेकर आई, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के महत्व को भी रेखांकित कर गई।