ईरान पर कहर: मंसूरेह की मौत से बढ़ा देश में भय और तनाव

नई दिल्ली: अमेरिका और इज़राइल के हालिया हमलों के बीच ईरान एक बार फिर गहरे संकट में है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के कुछ ही समय बाद उनकी पत्नी मंसूरेह खोजास्तेह बागरजादेह का भी निधन हो गया। ईरानी सरकारी मीडिया ने सोमवार को इस दुखद खबर की पुष्टि की।
मंसूरेह पिछले दिनों तेहरान पर हुए भीषण हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उनका इलाज चल रहा था, लेकिन उनकी जान नहीं बच पाई। मंसूरेह हमेशा सार्वजनिक जीवन से दूर रहीं और परिवार के निजी जीवन तक ही सीमित रहीं। साल 1964 में खामेनेई से शादी करने वाली मंसूरेह के छह बच्चे थे।
तेहरान पर हमलों की भयावहता
शनिवार तड़के अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त हमलों ने ईरान की राजधानी को हिला दिया। इस हमले में 86 वर्षीय अयातुल्ला खामेनेई की हत्या हो गई, साथ ही उनके परिवार के कई सदस्य भी शिकार बने। इस हमले में खामेनेई की बेटी, दामाद और नाती समेत कई शीर्ष अधिकारी मारे गए। पूरे देश में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है और जनता में भारी चिंता और तनाव का माहौल है।
नेतृत्व में बदलाव
खामेनेई की मौत के बाद देश की बागडोर एक तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति को सौंपी गई। इस समिति में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई, और वरिष्ठ कानूनविद अलीरेजा अराफी शामिल हैं।
सेना के मोर्चे पर भी बड़ा बदलाव किया गया है। अहमद वाहिदी को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) का नया कमांडर नियुक्त किया गया है। वह मोहम्मद पाकपोर की जगह लेंगे, जो हालिया हमलों में मारे गए थे।
प्रतिशोध और अंतरराष्ट्रीय तनाव
राष्ट्रपति पेजेशकियान ने खामेनेई और उनके परिवार की हत्या का बदला लेने का कड़ा संकल्प जताया। उनका कहना है कि हमले के जिम्मेदारों को भारी कीमत चुकानी होगी।
वहीं, अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी कि अगर उन्होंने कोई बड़ा हमला किया, तो अमेरिका पलटवार में इतनी भयंकर ताकत दिखाएगा जो दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी।
इस घटना के बाद ईरान में राजनीतिक और सैन्य तनाव चरम पर है, और क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।



