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UN में भारत ने पाकिस्तान को घेरा, अफगानिस्तान में हिंसा पर सुनाई खरी-खरी

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने अफगानिस्तान में बढ़ती हिंसा और सीमा पार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को कड़े शब्दों में घेरा। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने सशस्त्र संघर्षों में नागरिकों की सुरक्षा पर आयोजित वार्षिक खुली बहस के दौरान पाकिस्तान के “कलंकित रिकॉर्ड” का उल्लेख करते हुए उसे आतंकवाद और नागरिकों पर हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराया।

राजदूत पर्वतनेनी ने कहा कि संघर्ष की परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने का अहम आधार है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराते हुए नागरिकों की हत्या और हिंसा के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति पर जोर दिया।

2025 में नागरिक मौतों में कमी, फिर भी चिंता बरकरार

भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि लगातार तीन वर्षों की वृद्धि के बाद वर्ष 2025 में पहली बार नागरिक मौतों में कमी दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर के 20 सशस्त्र संघर्षों में 37 हजार से अधिक नागरिकों की मौत हुई।

भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि युद्ध क्षेत्रों में लगातार नागरिकों की मौत, विस्थापन, अस्पतालों और स्कूलों पर हमले बेहद चिंताजनक हैं।

ड्रोन और नई तकनीकों के दुरुपयोग पर चिंता

राजदूत पर्वतनेनी ने शहरी क्षेत्रों में मिसाइलों, बमों और ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वायत्त हथियार प्रणालियों का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय सिद्धांतों के दायरे में होना चाहिए।

पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद का आरोप

भारत ने कहा कि वह दशकों से सीमा पार आतंकवाद का शिकार रहा है और ऐसे देशों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए जो आतंकवाद को समर्थन या शरण देते हैं।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद दुनिया भर में नागरिकों के लिए सबसे बड़ा खतरा है और किसी भी कारण से निर्दोष लोगों पर हमलों को सही नहीं ठहराया जा सकता।

अफगानिस्तान में हिंसा को लेकर पाकिस्तान पर निशाना

बहस के दौरान पाकिस्तान द्वारा भारत के आंतरिक मामलों का उल्लेख किए जाने पर भारत ने कड़ा जवाब दिया। पर्वतनेनी ने कहा कि यह विडंबना है कि “जिस देश का खुद नरसंहार और हिंसा का लंबा इतिहास रहा है, वह भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी कर रहा है।”

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि वर्ष 2026 के शुरुआती तीन महीनों में पाकिस्तान की सीमा पार कार्रवाई से अफगानिस्तान में सैकड़ों नागरिक हताहत हुए। रिपोर्ट में दर्ज अधिकांश घटनाओं के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को जिम्मेदार बताया गया।

अस्पताल पर हमले का मुद्दा उठाया

भारतीय प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि रमजान के दौरान काबुल स्थित ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल पर पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमले में बड़ी संख्या में नागरिक मारे गए और घायल हुए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों को किसी भी परिस्थिति में सैन्य निशाना नहीं बनाया जा सकता।

1971 के अत्याचारों की दिलाई याद

भारत ने 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम का जिक्र करते हुए पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए। पर्वतनेनी ने कहा कि “ऑपरेशन सर्चलाइट” के दौरान पाकिस्तान की सेना ने बड़े पैमाने पर अत्याचार और महिलाओं के खिलाफ हिंसा को अंजाम दिया था।

उन्होंने कहा कि दुनिया अब पाकिस्तान के दुष्प्रचार और उसकी आंतरिक विफलताओं को समझ चुकी है।

नागरिकों की सुरक्षा पर भारत का जोर

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में दोहराया कि सशस्त्र संघर्षों के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना वैश्विक शांति के लिए जरूरी है। भारत ने सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने और निर्दोष नागरिकों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।

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Kailash Jaiswal

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