गरज-चमक के बीच बड़ा हादसा: कांकेर में वज्रपात से 3 की मौत, 5 घायल

रायपुर/कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड स्थित कलगांव में शुक्रवार सुबह आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। तालाब गहरीकरण कार्य में जुटे ग्रामीण अचानक बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े हुए थे, तभी वज्रपात हुआ। हादसे में डिप्टी सरपंच मनराज पटेल, संतोष पटेल और प्रकाश पटेल की मौत हो गई, जबकि पांच महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गईं।
कैसे हुआ हादसा?
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, ग्रामीण विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण), जिसे पहले मनरेगा के नाम से जाना जाता था, के तहत तालाब गहरीकरण का कार्य कर रहे थे। सुबह अचानक तेज बारिश शुरू होने पर कई मजदूर पास के पेड़ के नीचे एकत्र हो गए। इसी दौरान आकाशीय बिजली सीधे उसी क्षेत्र में गिरी।
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, बिजली गिरते ही कई लोग जमीन पर गिर पड़े और अफरा-तफरी मच गई। कुल आठ लोग इसकी चपेट में आए, जिनमें से तीन की घटनास्थल या अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।
घायलों का इलाज जारी
झुलसी हुई पांच महिलाओं को तुरंत अंतागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार सभी घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और प्रभावित परिवारों को राहत एवं मुआवजा संबंधी प्रक्रियाएं शुरू की जा रही हैं।
सुरक्षा सलाह
- गरज-चमक शुरू होते ही खुले मैदान, जलाशय और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
- काम तुरंत रोककर सुरक्षित पक्के भवन या वाहन में शरण लें।
- धातु के औजार, मोबाइल चार्जिंग वायर और खुले विद्युत उपकरणों से दूरी रखें।
- यदि कोई व्यक्ति बिजली की चपेट में आए, तो तुरंत चिकित्सा सहायता और आपातकालीन सेवा को सूचना दें।
नोट: मृतकों और घायलों की संख्या प्रशासन द्वारा उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है; आगे की आधिकारिक जांच या मेडिकल अपडेट के अनुसार आंकड़ों में परिवर्तन संभव है।



