सुरक्षा और आतंकवाद पर चर्चा, भारत-पोलैंड विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बातचीत

नई दिल्ली | पोलैंड के उपप्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की ने सोमवार को नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी रणनीतियों और द्विपक्षीय सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बैठक के दौरान सीमा पार आतंकवाद की चुनौतियों को उजागर करते हुए पोलैंड से आग्रह किया कि वह आतंकवाद के लिए जीरो टॉलरेंस अपनाए और भारत के पड़ोस में किसी भी तरह के आतंकवादी ढांचे के समर्थन से दूर रहे। उन्होंने कहा कि यह बैठक दोनों देशों के बीच सुरक्षा और राजनीतिक संवाद को मजबूत करने का अवसर है।
सिकोर्स्की ने भारत के दृष्टिकोण को समझने की कोशिश की और द्विपक्षीय सहयोग की दिशा में सकारात्मक रुख अपनाने का आश्वासन दिया। भारत और पोलैंड के बीच हाल के वर्षों में राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों में निरंतर मजबूती देखी गई है। जयशंकर ने बताया कि पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों के रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था।
बैठक में यूक्रेन संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा स्थितियों पर भी विचार-विमर्श हुआ। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत शांतिपूर्ण समाधान और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सम्मान के पक्ष में है।
आर्थिक सहयोग पर भी बैठक में विशेष ध्यान दिया गया। जयशंकर ने कहा कि पोलैंड मध्य यूरोप में भारत का प्रमुख व्यापारिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच लगभग 7 बिलियन डॉलर का व्यापार है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत का पोलैंड में 3 बिलियन डॉलर से अधिक निवेश स्थानीय रोजगार और उद्योगों के विकास में योगदान दे रहा है।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने 2024-28 के एक्शन प्लान की समीक्षा करने पर भी सहमति व्यक्त की, ताकि व्यापार, निवेश, रक्षा तकनीक और डिजिटल इनोवेशन में सहयोग को और मजबूत किया जा सके।
विदेश मंत्री जयशंकर ने बैठक के समापन पर कहा कि भारत और पोलैंड के संबंध दोस्ताना, पारंपरिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं और दोनों पक्ष मिलकर आतंकवाद, सुरक्षा और आर्थिक विकास के क्षेत्रों में ठोस कदम उठाएंगे।



