ट्रंप की सलाह दरकिनार, इजरायल का ईरान पर जोरदार मिसाइल अटैक

डिजिटल डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की सख्त सलाह को दरकिनार करते हुए Benjamin Netanyahu के नेतृत्व वाले इजरायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर जवाबी हवाई हमले किए हैं। इजरायली वायुसेना ने ईरान के मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों में स्थित कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे पूरे मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है।
इजरायली सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह कार्रवाई ईरान की हालिया सैन्य गतिविधियों के जवाब में की गई। वहीं ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार राजधानी Tehran के अलावा Isfahan और Tabriz में भी जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
हमले के बाद ईरान ने सुरक्षा कारणों से Imam Khomeini International Airport के आसपास का हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इस कदम से क्षेत्रीय विमान सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रंप ने नेतन्याहू को दी थी चेतावनी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले से पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू से फोन पर बातचीत कर उन्हें किसी भी प्रकार की जवाबी सैन्य कार्रवाई से बचने की सलाह दी थी। ट्रंप का मानना था कि ईरान के साथ कूटनीतिक समझौते की संभावना अभी भी बनी हुई है और सैन्य कार्रवाई से शांति प्रयासों को बड़ा झटका लग सकता है।
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के अनुसार ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा था कि मौजूदा समय में तनाव बढ़ाने के बजाय बातचीत को मौका दिया जाना चाहिए। हालांकि इजरायल ने अमेरिकी प्रशासन की इस सलाह को पूरी तरह नहीं माना और सैन्य कार्रवाई को अंजाम दे दिया।
सीजफायर के बाद फिर भड़का संघर्ष
हालिया घटनाक्रम की शुरुआत उस समय हुई जब संघर्षविराम लागू होने के बाद भी दोनों पक्षों के बीच तनाव कम नहीं हुआ। ईरान ने आरोप लगाया था कि इजरायल लेबनान में लगातार हमले कर रहा है, जिसके जवाब में उसने इजरायल पर मिसाइल हमले किए थे।
बताया जा रहा है कि इजरायल द्वारा Beirut के दक्षिणी इलाकों में की गई बमबारी के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके बाद शुरू हुआ हमला-दर-हमला का सिलसिला अब पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।
शांति वार्ता पर मंडराया संकट
अमेरिका लंबे समय से ईरान के साथ किसी स्थायी समझौते की कोशिश में जुटा है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि बातचीत के जरिए समाधान की संभावना अभी खत्म नहीं हुई है। हालांकि इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने इन प्रयासों को कमजोर कर दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव जल्द नहीं थमा तो यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है, जिसके असर पूरे मध्य पूर्व और वैश्विक राजनीति पर पड़ सकते हैं।



