झमाझम बारिश से खिली किसानों की उम्मीद, लेकिन उफनती महानदी ने बढ़ाई मुश्किलें

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पिछले दो दिनों से हो रही लगातार झमाझम बारिश ने जिले के अधिकांश हिस्सों को तरबतर कर दिया है। बारिश से जहां किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं महानदी सहित कई नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से कुछ इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है।
जुलाई में 370 मिमी से अधिक बारिश
मौसम विभाग के अनुसार जुलाई माह में अब तक जिले में औसतन 370 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। वनांचल क्षेत्र सोनाखान और कसडोल में अच्छी बारिश हुई है। वहीं लवन, पलारी, सिमगा, सुहेला और बलौदाबाजार क्षेत्र में भी लगातार बारिश का सिलसिला जारी है।
धान रोपाई ने पकड़ी रफ्तार
लगातार बारिश से खेतों में पर्याप्त पानी भर गया है, जिससे खरीफ सीजन की खेती को नई गति मिली है। किसान तेजी से धान की रोपाई में जुट गए हैं। उनका कहना है कि समय पर हुई अच्छी बारिश से इस बार बेहतर उत्पादन की उम्मीद बढ़ गई है।
महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी का बढ़ा जलस्तर
लगातार वर्षा के कारण जिले से गुजरने वाली महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हालांकि फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ा दी है। कई छोटे नदी-नालों में पुल-पुलियों के ऊपर पानी बहने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अमेठी घाट एनीकट पर आवागमन ठप
सबसे अधिक असर पलारी तहसील के अमेठी घाट एनीकट पर देखा गया है। यहां महानदी का पानी एनीकट के ऊपर लगभग 3 से 4 फीट तक बह रहा है, जिससे कसडोल, बारनवापारा, सोनाखान और महासमुंद की ओर जाने वाला मार्ग फिलहाल बंद हो गया है। इसके चलते लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए 40 से 50 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
बेहतर फसल उत्पादन की उम्मीद
बारिश के बाद जिले का मौसम सुहावना हो गया है और खेतों में हरियाली लौट आई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह संतुलित वर्षा होती रही, तो खरीफ फसलों का उत्पादन बेहतर रहेगा और किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।



