छत्तीसगढ़

हाथी मौत मामला:प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने देवपुर रेंज के प्रभारी को किया निलंबित

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कसडोल। एक सप्ताह से चल रहें हाथी के मौत मामले में वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने देवपुर रेंज के प्रभारी रेंजर को हटा दिया है, bbn24news.com ने लगातार उक्त संवेदनशील मामले को लेकर खबर का प्रकाशन किया था जिसके बाद विभाग ने उक्त मामले में कार्रवाई किया है, लेकिन अब इस कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहें है, उपवनमण्डल कसडोल के देवपुर रेंज अंतर्गत बीते सोमवार को पूर्व गिधपुरी बीट के कक्ष क्रमांक 299 में करेंट से हाथी मौत मामले में वन विभाग ने रेंज का प्रभार संभाल रहें गैर जिम्मेदार डिप्टी रेंजर पंचराम यादव के खिलाफ नाममात्र की कार्रवाई की है, जिससे अब विभाग के जिम्मेदारों के खिलाफ कई सवाल खड़ा हो रहें है, आपको बता दे कि विभाग ने अब इस संवेदनशील मामले में खानापूर्ति करते हुए कार्रवाई की है। विदित हो कि बीते दिनों वन्य जीव की अवैध शिकार की नीयत से लागये गये करेंट के फंदे में जहाँ एक ओर हाथी फंस कर मर जाता है, और इतने बड़े मामले में केवल विभाग मुख्य जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ पद से हटाने की कार्रवाई की गई। अचरज की बात तो यह है कि उक्त अधिकारी को हटा कर वही विशेष कर्तब्य के पद पर नियुक्ति भी कर दी गई है। सूत्रों ने कहा कि अब विभाग उक्त अधिकारी को बचाने का भरसक प्रयास किया जा रहा है। जिसके कारण अब वन्य प्रेमियों में आक्रोश व्याप्त है, वन्य प्रेमी अनुराग मिश्रा और बीएसएस के प्रदेश अध्यक्ष मोतीलाल बंजारे ने उक्त कार्रवाई को नाममात्र की कार्रवाई करार दिया है। और मामले में संवेदनशीलता बरतते हुये उक्त अधिकारी को अंयत्र पदस्थ करते हुऐ सस्पेंड करने की मांग की जा रही है।


यह था डीएफओ का मुख्य जांच बिंदु


हाथी के मौत के बाद विभाग ने जो जांच कर प्रतिवेदन सौंपा उसमें पीसीसीएफ के आदेश में बताया कि वनमण्डलाधिकारी, बलौदाबाजार वनमण्डल के पत्र क्रमांक 2119 दिनांक 09/11/2022 द्वारा प्रेषित प्रतिवेदन के अनुसार दिनांक 07/11/2022 को देवपुर परिक्षेत्र बलौदाबाजार वनमण्डल के अंतर्गत पूर्व गिधपुरी बीट कक्ष क्रमांक 299 में 01 नर हाथी (उम्र लगभग 22 से 25 वर्ष ) मृत अवस्था मे पाया गया। मृत नर हाथी के शव परीक्षण के लिये 03 पशु चिक्तिसकों का दल गठित किया गया था। शव के परीक्षण उपरांत पशु चिकित्सक दल द्वारा हाथी की मृत्यु विद्युत करेंट से होना बताया गया। पोस्टमार्टम पश्चात् शव को विधिवत् दफनाया गया। गांव के जिन व्यक्तियों के द्वारा विद्युत करेन्ट का फंदा लगाया गया था उस फंदे की जप्ती बनाई गई है एवं घटित घटना का पी.ओ.आर. क्रमांक 13229/23 दिनांक 07/11/2022 दर्ज किया गया है। प्रकरण पंजीबद्ध होने के बाद अभियुक्तों की तफ्तीस जारी है। वनमण्डलाधिकारी, बलौदाबाजार के पत्र क्रमांक 4479 दिनांक 7/11/2022 के द्वारा पंचराम यादव, उप वनक्षेत्रपाल, प्रभारी परिक्षेत्र अधिकारी देवपुरी परिक्षेत्र को उक्त घटना के लिये स्पष्टीकरण जारी कर जवाब चाहा गया है कि यदि पंचराम यादव के द्वारा वनक्षेत्रों का निरंतर निरीक्षण किया जाता तो फंदे की जानकारी होती। हाथी मृत्यु की घटना की सूचना 72 घंटे बाद मिलना अत्यंत खेदजनक है एवं कर्तव्य में घोर लापरवाही को दर्शाता है तथा श्री यादव का अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर नियंत्रण नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट दिनांक 07/11/2022 में हाथी की मृत्यु का समय पोस्टमार्टम से 84 घंटे पूर्व होन दर्शित है। इससे स्पष्ट होता है कि हाथी की मृत्यु की सूचना लगभग 03 दिवस बाद प्राप्त हुई है। वनमण्डलाधिकारी, बलौदाबाजार के उपरोक्त प्रतिवेदन एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि हाथी मृत्यु की घटना की सूचना लगभग 03 दिवस बाद मिलना तथा क्षेत्र में विद्युत करेन्ट फंदे का पाया जाना पंचराम यादव, प्रभारी परिक्षेत्र अधिकारी के कर्तव्य में गंभीर चूक एवं घोर लापरवाही को दर्शाता है तथा यह भी स्पष्ट होता है कि प्रभारी परिक्षेत्र अधिकारी का अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर नियंत्रण नहीं है। श्री यादव का उक्त कृत्य छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियाम 1965 का उल्लंघन है। परिक्षेत्र अधिकारी एवं उसके अधीनस्थ कर्मचारियों का मुख्य दायित्व वनों एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा होती है। लेकिन इसके बावजूद उक्त अधिकारी के खिलाफ केवल खानापूर्ति की कार्रवाई की गई है, जबकि इतनी लापरवाही के बाद तत्काल विभाग को उक्त अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करना चाहिए था लेकिन अब विभाग के हाथ उक्त अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने से हाथ पीछे कर रहें है।


यह था आदेश
प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने अपने पत्र क्रमांक/प्रशा.अराज.1/318/2022/719 नवा रायपुर, दिनांक 11/11/2022 के माध्यम से आदेश में कहा कि वनो एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा एवं अन्य शासकीय कार्यों के संपादन हेतु पंचराम यादव, उप वनक्षेत्रपाल को देवपुर (सामान्य) परिक्षेत्र का प्रभारी सौंपा गया था। किन्तु श्री यादव द्वारा वन्यप्राणी की सुरक्षा में गंभीर चूक एवं लापरवाही बरतने के कारण तथा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर नियंत्रण नहीं रख पाने कारण देवपुर (सामान्य) परिक्षेत्र के प्रभार से मुक्त करते हुए विशेष कर्तव्य देवपुर परिक्षेत्र, बलौदाबाजार वनमण्डल में एतद् द्वारा पदस्थ किया जाता है। उक्त पदस्थापना मुख्यालय परिवर्तन नहीं होने के कारण स्थानांतरण की श्रेणी में नहीं आयेगा। अब सवाल यह उठता है जब पीसीसीएफ के आदेश में उक्त गैर जिम्मेदार अधिकारी की करतूत गंभीर श्रेणी में नजर आता है फिर उक्त डिप्टी रेंजर के खिलाफ केवल हटाने की कार्रवाई सही है यह बड़ा सवाल उठता है जबकि उक्त अधिकारी के खिलाफ निलंबन का कठोर कार्रवाई करते हुए पूरे मामले की जांच कराया जाना था लेकिन पता नही विभागीय अधिकारी किसके दबाव के कारण उक्त अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने में कतरा रहें है।