सरकारी फैसले से हिला ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर, BCCI से अलग हुआ Dream11

नई दिल्ली। फैंटेसी स्पोर्ट्स कंपनी ड्रीम11 और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के बीच हुआ करार अब समाप्त हो गया है। इसकी पुष्टि सोमवार को बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने की। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए कानून लागू होने के बाद ड्रीम11 या किसी भी अन्य समान ऑनलाइन गेमिंग कंपनी के साथ साझेदारी जारी रखना अब संभव नहीं है।
सैकिया ने कहा, “नए कानून के तहत बीसीसीआई के लिए ड्रीम11 के साथ करार बनाए रखना मुश्किल होगा। हम फिलहाल विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। बहुत जल्द ही हमें नए स्पॉन्सर की तलाश करनी होगी।”
एशिया कप से पहले चुनौती
9 सितंबर से यूएई में पुरुष टी-20 एशिया कप की शुरुआत होनी है और ऐसे में टीम इंडिया की जर्सी पर नया स्पॉन्सर तय करना बीसीसीआई के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। सैकिया ने बताया कि फिलहाल नया टेंडर जारी करने पर चर्चा चल रही है, लेकिन अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
358 करोड़ का करार खत्म
जुलाई 2023 में ड्रीम11 ने एड-टेक कंपनी बायजू की जगह भारतीय टीम का लीड स्पॉन्सर बनने के लिए 358 करोड़ रुपये का करार किया था। इससे पहले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में भी ड्रीम11 की मौजूदगी काफी अहम रही थी। साल 2020 में वीवो के हटने के बाद ड्रीम11 ने बतौर टाइटल स्पॉन्सर आईपीएल का दायित्व भी संभाला था।
नए कानून का असर
हाल ही में संसद के दोनों सदनों से पारित और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिलने के बाद ऑनलाइन गेमिंग (प्रमोशन और रेगुलेशन) विधेयक 2025 कानून बन गया। इसके बाद ड्रीम11 ने अपने प्लेटफॉर्म पर सभी पैसे आधारित ऑनलाइन गेमिंग प्रतियोगिताओं को निलंबित करने की घोषणा की।
बीसीसीआई की रणनीति पर नजर
ड्रीम11 के हटने के बाद अब यह देखना अहम होगा कि बीसीसीआई किस कंपनी को नया लीड स्पॉन्सर बनाता है। क्रिकेट जगत में यह बदलाव न सिर्फ बोर्ड की आर्थिक रणनीति पर असर डालेगा, बल्कि खिलाड़ियों की जर्सी पर दिखने वाले ब्रांड को भी नया चेहरा देगा।