सिंहेश्वर मंदिर में पूजा के लिए उमड़ी भीड़ बेकाबू, भगदड़ में दर्जनों श्रद्धालु और पुलिसकर्मी घायल

मधेपुरा। सावन महीने की चौथी सोमवारी पर शिवभक्तों की भारी भीड़ के बीच मधेपुरा के प्रसिद्ध बाबा सिंहेश्वर धाम में बड़ा हादसा हो गया। भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए उमड़ी भीड़ के बीच अचानक अफरातफरी मच गई और मंदिर परिसर में भगदड़ जैसे हालात पैदा हो गए। हादसे में एक दर्जन से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए, जबकि भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए जन नायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। इनमें एक श्रद्धालु की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मंदिर के पट खुलते ही बेकाबू हुई भीड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर में आधी रात करीब 12:30 बजे सरकारी पूजा-अर्चना पूरी हुई। इसके बाद रात करीब 1 बजे आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए। शुरुआत में श्रद्धालुओं को बाहरी परिसर स्थित मुख्यद्वार के बगल वाले रास्ते से कतारबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश कराया जा रहा था।
सुबह होने के साथ ही श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई और भीड़ का दबाव बढ़ने लगा। तड़के करीब 4 बजे मंदिर का मुख्यद्वार खोले जाने के बाद पहले दर्शन करने की होड़ में अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
ग्रिल से टकराने से श्रद्धालु गंभीर घायल
हादसे के दौरान करीब 15 मिनट तक मंदिर परिसर में चीख-पुकार और अफरातफरी का माहौल रहा। भीड़ के धक्के से एक श्रद्धालु ग्रिल से टकराकर गिर गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट और फ्रैक्चर हो गया। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित कर स्थिति संभाली। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इस दौरान भीड़ को काबू करने की कोशिश में करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।
कई श्रद्धालुओं को गंभीर चोटें
अस्पताल में भर्ती घायलों में अलग-अलग जिलों से सिंहेश्वर धाम पहुंचे शिवभक्त शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं में सुपौल के सिंटू कुमार, सहरसा जिले के जलसीमा की रूना देवी और मधेपुरा के ग्वालपाड़ा की सुलेना देवी की पहचान हुई है। इसके अलावा एक अज्ञात महिला श्रद्धालु का भी इलाज जारी है।
हादसे के बाद प्रशासन ने मंदिर परिसर में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था कड़ी कर दी है। श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने के लिए पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है, ताकि आगे किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।



