छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट सत्र की शुरुआत, राज्यपाल के अभिभाषण में किसान और मातृशक्ति पर विशेष जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू हो गया है। सत्र का उद्घाटन राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण से हुआ, जिसमें उन्होंने राज्य स्थापना दिवस और रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। यह सत्र 20 मार्च तक चलेगा, जिसमें कुल 15 बैठकें आयोजित की जाएंगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 24 फरवरी को पेश किया जाएगा।
महिलाओं और सामाजिक कल्याण पर विशेष जोर
राज्यपाल ने कहा कि महिला सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान का स्मरण करते हुए बताया कि उनके नेतृत्व में ही छत्तीसगढ़ का गठन संभव हुआ। इसके साथ ही, राज्य सरकार अंत्योदय और सामाजिक कल्याण योजनाओं के कार्यान्वयन में सक्रिय है।
कृषि और तकनीकी नवाचार
राज्यपाल ने बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था किसानों की समृद्धि से सीधे जुड़ी है। सरकार कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग और बाजार तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले दो वर्षों में 532 नक्सलियों को न्यूट्रलाइज किया गया, जिसे आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया है।
कार्यमंत्रणा समिति की बैठक
सत्र की शुरुआत से पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और अन्य मंत्री एवं सदस्य उपस्थित रहे।
बजट में संभावित मुख्य घोषणाएं
आगामी बजट में गुड गवर्नेंस, आधारभूत संरचना, तकनीक और उद्योगों पर विशेष ध्यान देने की संभावना है। इसके तहत जिलों में लाइब्रेरी की स्थापना, शहरों में स्टेडियम और रिंग रोड निर्माण, तथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापित करने जैसे प्रस्तावों पर विचार किया जा सकता है। इसके अलावा प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना और आयुष्मान भारत योजना के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान किए जाने के संकेत मिल रहे हैं।



