जल जीवन मिशन के कामकाज की समीक्षा के बाद बड़ा फैसला: PHE विभाग में 34 तबादले

रायपुर। जल जीवन मिशन को गति देने और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। उप मुख्यमंत्री एवं PHE मंत्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग के राज्य मुख्यालय से लेकर मैदानी स्तर तक व्यापक फेरबदल किया गया है। इस प्रक्रिया में कुल 34 अधिकारियों के तबादले और दायित्वों में बदलाव किए गए हैं।
मैदानी स्तर पर फोकस, पदोन्नति के साथ नई जिम्मेदारी
जल जीवन मिशन के कार्यों को तेज करने के लिए सरकार ने मैदानी अमले को मजबूत किया है। इसके तहत 26 उप अभियंताओं को पदोन्नत कर सहायक अभियंता बनाया गया है। वहीं, दोहरे दायित्व निभा रहे अधीक्षण अभियंता संजीव बृजपुरिया को ओएसडी पद से मुक्त करते हुए उन्हें केवल दुर्ग मंडल के अधीक्षण अभियंता की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
कार्य में गंभीर लापरवाही और बिना अनुमति सामग्री में बदलाव के आरोपों के चलते रायपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता राजेश गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसे एक माह के भीतर पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं। दूसरी ओर, पहले निलंबित किए गए छह कार्यपालन अभियंताओं को बहाल करने का निर्णय भी लिया गया है।
प्रशासनिक ढांचे में नए बदलाव
प्रभारी प्रमुख अभियंता ओंकेश चंद्रवंशी को जल जीवन मिशन का अतिरिक्त मिशन संचालक नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कई अधीक्षण अभियंताओं और कार्यपालन अभियंताओं को नई पदस्थापना और जिम्मेदारियां दी गई हैं।
सरकार का मानना है कि इन फैसलों से जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सकेगा।



