रियलिटी शो से बदलती है कलाकार की पहचान, ईशा सिंह ने बताई बड़ी वजह

मुंबई। टीवी अभिनेत्री ईशा सिंह का मानना है कि रियलिटी शो दर्शकों को कलाकार के असली व्यक्तित्व से रूबरू कराते हैं, जबकि फिक्शन शोज में अभिनेता केवल अपने किरदार को निभाता है। ‘बिग बॉस 18’ में अपनी मौजूदगी से चर्चा बटोरने वाली ईशा ने कहा कि रियलिटी शो के जरिए दर्शक कलाकार को उसके निभाए गए किरदारों से अलग एक इंसान के रूप में जान पाते हैं।
आईएएनएस को दिए एक इंटरव्यू में ईशा सिंह ने रियलिटी शोज और अभिनय के बीच के अंतर पर खुलकर बात की। जब उनसे पूछा गया कि क्या रियलिटी शो किसी कलाकार की लोकप्रियता बढ़ाने में मदद करते हैं, तो उन्होंने कहा कि दर्शकों की सबसे बड़ी दिलचस्पी अपने पसंदीदा सितारों की निजी जिंदगी को जानने में होती है।
ईशा ने कहा, “लोग बिहाइंड द सीन्स जैसी चीजें इसलिए देखना पसंद करते हैं क्योंकि वे कलाकार को करीब से समझना चाहते हैं। रियलिटी शो में दर्शकों को किसी कलाकार का असली स्वभाव, व्यवहार, पसंद-नापसंद और व्यक्तित्व देखने का मौका मिलता है।”
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दर्शक उन्हें उनके टीवी किरदारों जुही और सैयम के रूप में जानते हैं, लेकिन वास्तविक जीवन में ईशा सिंह कैसी हैं, यह रियलिटी शो के जरिए ही सामने आता है। उनके अनुसार, रियलिटी शो में कोई किरदार या अभिनय का पर्दा नहीं होता, बल्कि कलाकार अपने वास्तविक रूप में दर्शकों के सामने होता है।
अभिनेत्री ने कहा कि यही वजह है कि रियलिटी शो दर्शकों और कलाकारों के बीच एक अलग तरह का जुड़ाव बना देते हैं। दर्शक सिर्फ कलाकार का अभिनय ही नहीं, बल्कि उसकी जीवनशैली, पहनावा, खान-पान और व्यवहार के बारे में भी जानना चाहते हैं।
ईशा सिंह ने आगे कहा कि रियलिटी शो और फिक्शन शो दोनों की अपनी अलग पहचान और दर्शक वर्ग है। फिक्शन में कलाकार किसी कहानी और किरदार को जीवंत करता है, जबकि रियलिटी शो में उसकी वास्तविक शख्सियत सामने आती है।
गौरतलब है कि ईशा सिंह ने वर्ष 2015 में टीवी धारावाहिक ‘इश्क का रंग सफेद’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने ‘इश्क सुभान अल्लाह’ और ‘सिर्फ तुम’ जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में काम किया। ‘बिग बॉस 18’ में हिस्सा लेने के बाद उन्हें नई पहचान मिली और इन दिनों वह कलर्स टीवी के शो ‘जुही मुई’ में नजर आ रही हैं।



