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10 मिनट गुजराती ट्रांसेलशन के बाद भीड़ से आवाज आई- उन्हें हिंदी बोलने दीजिए-राहुल

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सूरत 22 नवम्बर 2022: गुजरात के महुवा में सोमवार को राहुल गांधी ने चुनावी रैली की। इस दौरान एक दिलचस्प वाकया सामने आया। राहुल की स्पीच को कांग्रेस नेता भरत सिंह सोलंकी ट्रांसलेट कर रहे थे, तभी आवाज आई कि उन्हें हिंदी बोलने दीजिए।

राहुल गुजरात ने अपनी पहली चुनावी रैली की शुरुआत सूरत के महुआ से की। यहां काकडा गांव में वे आदिवासियों के बीच बोल रहे थे। पहले राहुल बोलते और फिर भरत सिंह सोलंकी इसे गुजराती में दोहराते। इस वजह से राहुल गांधी को बार-बार रुकना पड़ रहा था। ये सिलसिला 12-13 मिनट तक चला।

इसी बीच जनसभा से एक व्यक्ति मंच के सामने आया और भरत सिंह सोलंकी से कहा कि आप राहुल की बातें गुजराती में ना दोहराएं। राहुल को हिंदी में ही बोलने दीजिए। फिर भरत सिंह ने राहुल से कहा- आप हिंदी में बोलिए चलेगा, आपकी हिंदी समझते हैं।

चुनावी सभा में इंदिरा का जिक्र, आदिवासियों पर फोकस

राहुल ने जनसभा में कहा, “बचपन में उनकी दादी इंदिरा गांधी ने एक किताब दी थी- तेंदू आदिवासी बच्चा। मुझे दादी ने बताया था कि आदिवसी इस देश के पहले और असली मालिक हैं। आदिवासी का मतलब है कि ये देश आपका था और आपको हक मिलना चाहिए।

BJP के लोग आपको आदिवासी नहीं कहते, आपको वनवासी कहते हैं। वे आपको ये नहीं कहते कि आप हिंदुस्तान के पहले मालिक हो। फर्क समझ आया। वे चाहते हैं आप जंगल में रहो। इसके बाद भी वे रुकते नहीं, वे आपसे जंगल छीनने का काम शुरू कर देते हैं। आज से 5-10 साल सारा जंगल इनके दो-तीन उद्योगपतियों के हाथ में होगा और आपको रहने की जगह नहीं होगी।”

गुजरात में विधानसभा चुनावों की घोषणा के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी पहली बार गुजरात पहुंचे। उनका पहली जनसभा सूरत जिले की महुआ तहसील के पांच काकडा गांव में हुई। इसके बाद बीजेपी के गढ़ राजकोट के शास्त्री मैदान पहुंचे। उन्होंने मोरबी ब्रिज हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा।