नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार में उमड़ा शोक, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

पुणे/गोवा। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन फिल्म जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। करीब पांच दशक तक अपने दमदार अभिनय, संवाद अदायगी और अलग अंदाज से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले नाना पाटेकर को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके निधन से बॉलीवुड में शोक की लहर है और प्रशंसक अपने चहेते कलाकार को याद कर रहे हैं।
गोवा में बिगड़ी थी तबीयत
जानकारी के अनुसार, 8 अक्टूबर को गोवा स्थित अपने आवास पर नाना पाटेकर की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म जगत और उनके चाहने वालों में शोक छा गया।
पुणे में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पुणे के पास स्थित उनके फार्महाउस में किया गया। इस दौरान उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। परिवार के सदस्यों, करीबी लोगों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं।
दमदार अभिनय से बनाई अलग पहचान
नाना पाटेकर ने अपने करियर में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। ‘अंकुश’, ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘अब तक छप्पन’, ‘राजनीति’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया।
नाना पाटेकर की खासियत यह थी कि वे हर किरदार में अपनी अलग छाप छोड़ते थे। गंभीर भूमिकाओं से लेकर कॉमेडी तक, उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया। उनके संवाद बोलने का अंदाज और पर्दे पर प्रभावशाली मौजूदगी उन्हें दूसरे कलाकारों से अलग बनाती थी।
राष्ट्रीय पुरस्कार और पद्मश्री से हुए सम्मानित
नाना पाटेकर को उनके शानदार अभिनय के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले। उन्हें ‘परिंदा’ और ‘अग्निसाक्षी’ के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता तथा ‘क्रांतिवीर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। वर्ष 2013 में उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया।
अभिनय के अलावा नाना पाटेकर सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे। किसानों की सहायता के लिए किए गए उनके प्रयासों ने भी उन्हें खास पहचान दिलाई।
फिल्म जगत में शोक, यादों में रहेंगे नाना
नाना पाटेकर का जाना भारतीय सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। अपने अभिनय और व्यक्तित्व के दम पर उन्होंने जो मुकाम हासिल किया, वह लंबे समय तक याद किया जाएगा। पर्दे पर निभाए गए उनके किरदार और संवाद आने वाली पीढ़ियों के दर्शकों के बीच भी उनकी पहचान बनाए रखेंगे।



