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छत्तीसगढ़

धमतरी में विकास की नई राह, 5 मार्गों का होगा उन्नयन और आमदी में बनेगा फोरलेन गौरव पथ

रायपुर, 6 अक्टूबर 2026: बरसात के बाद छत्तीसगढ़ में सड़क निर्माण और सुधार कार्यों को गति देने की तैयारी शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग ने धमतरी जिले में सड़क विकास से जुड़े 6 कार्यों के लिए कुल 101 करोड़ 23 लाख 55 हजार रुपये की निविदाओं को मंजूरी दी है। इनमें पांच प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के साथ आमदी नगर पंचायत में फोरलेन गौरव पथ और सौंदर्यीकरण का कार्य शामिल है।

उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने निविदाओं को स्वीकृति दी है। धमतरी संभाग के कार्यपालन अभियंता को चयनित ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को कार्यादेश जारी कर जल्द काम शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं।

इन सड़कों पर होगा काम

विभाग के मुताबिक मेघा रोड तिराहा-स्टेशन रोड-चरमुड़िया राष्ट्रीय राजमार्ग-30 मार्ग के 3.75 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 14 करोड़ 45 लाख 12 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं।

इसी तरह पचपेड़ी-तर्रागोंदी-भेलवाकूदा-टिपानी-सेमरा (बी) मार्ग के 5 किलोमीटर हिस्से के लिए 13 करोड़ 32 लाख 82 हजार रुपये, 9 किलोमीटर लंबे छाती-गागरा-कंडेल-देवपुर मार्ग के लिए 23 करोड़ 12 लाख 46 हजार रुपये तथा अर्जुनी-भानपुरी-तरसींवा-कुर्रा-अमलीडीह-हसदा सड़क के 10 किलोमीटर हिस्से के लिए 19 करोड़ 42 लाख 22 हजार रुपये की निविदा मंजूर की गई है।

इसके अलावा राजनांदगांव-गुंडरदेही-धमतरी-नगरी सिहावा-बोराई राज्य मार्ग के 23 किलोमीटर हिस्से के मजबूतीकरण एवं डामरीकरण के लिए 11 करोड़ 70 लाख 83 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

आमदी में बनेगा फोरलेन गौरव पथ

इसी राज्य मार्ग पर आने वाले आमदी नगर पंचायत में 3.50 किलोमीटर लंबे फोरलेन गौरव पथ के निर्माण और सौंदर्यीकरण के लिए भी 19 करोड़ 26 लाख 10 हजार रुपये की निविदा को मंजूरी दी गई है। इस काम से शहर के प्रमुख मार्ग के स्वरूप में बदलाव आने के साथ यातायात व्यवस्था को भी बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

गुणवत्ता और समय-सीमा पर विशेष जोर

लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को सभी कार्य विभागीय मापदंडों के अनुसार कराने और निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत कार्यों को किसी अन्य एजेंसी को सबलेट नहीं किया जाएगा और कार्य संपादन के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी को मान्य नहीं किया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर काम पूरा कराने तथा अनुबंध, प्रशासकीय स्वीकृति और उपलब्ध बजट की सीमा के अनुसार ही कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। निविदाओं की स्वीकृति अनुबंध से पहले ठेकेदारों से पूरी कार्यावधि के लिए प्रभावशील एपीएस (Additional Performance Security) की बैंक गारंटी लेने की शर्त पर की गई है।

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Kailash Jaiswal

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