
नई दिल्ली। सीमा सुरक्षा और आधिकारिक मानचित्रण को लेकर केंद्र सरकार ने लद्दाख में बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्रालय ने लद्दाख प्रशासन के साथ समन्वय के बाद 28 रणनीतिक स्थानों, चोटियों, दर्रों और अन्य भौगोलिक विशेषताओं को भारतीय मानचित्र पर उनके मानक नामों के साथ दर्ज किया है। इनमें वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास स्थित गोगरा और हॉट स्प्रिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र भी शामिल हैं।
सर्वे ऑफ इंडिया के नक्शे में दर्ज किए गए स्थान
गृह मंत्रालय के अनुसार, इन 28 स्थानों को भारतीय सर्वेक्षण विभाग (Survey of India) के आधिकारिक नक्शे में प्रामाणिक और मानकीकृत नामों के साथ शामिल किया गया है। सरकार का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों की भौगोलिक पहचान को स्पष्ट करना, आधिकारिक मानचित्रण को व्यवस्थित करना और सीमा से जुड़े क्षेत्रों को लेकर जागरूकता बढ़ाना है।
इससे पहले अगस्त में अरुणाचल प्रदेश के 27 प्रमुख स्थलों और भौगोलिक संरचनाओं के नामों का भी आधिकारिक मानकीकरण किया गया था।
गोगरा और हॉट स्प्रिंग समेत 28 स्थान शामिल
लद्दाख के जिन 28 स्थानों को आधिकारिक पहचान दी गई है, उनमें गोगरा, हॉट स्प्रिंग, जोरावर चोटी, चैपचिंगल दर्रा, कनिष्क चोटी, कुकसेल, मार्तंड गिरी, पारपिक ग्लेशियर, स्कमरी ग्लेशियर, शचमिरिक दर्रा और श्कोर्गा घाटी शामिल हैं।
इसके अलावा अलीशा गिरी, ब्रांगसा, करुण पीर पर्वत, देहरा कंपास, द्रक कार्पो, जोलमोरी, कुमारायण पॉइंट, पांगलुंग, रिनचेन जांगपो, शाक्यश्री गिरी, गुरु रिनपोचे, शामल लुंगपा, यांगपा नदी, मारपा लोत्सावा री, मिलारेपा कांगरी, शिव री और महेश्वर री को भी आधिकारिक नक्शे में जगह दी गई है।
2020 के सीमा गतिरोध से जुड़े रहे गोगरा-हॉट स्प्रिंग
इन स्थानों में गोगरा और हॉट स्प्रिंग विशेष रूप से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। वर्ष 2020 में भारत और चीन की सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख में लंबे समय तक चले सैन्य गतिरोध के दौरान यह क्षेत्र प्रमुख संवेदनशील स्थानों में शामिल रहा था।
भारत की ओर से इन स्थानों को आधिकारिक मानचित्र पर मानकीकृत नामों के साथ दर्ज किए जाने को सीमा क्षेत्रों की भौगोलिक पहचान को स्पष्ट करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
अरुणाचल के बाद लद्दाख में भी मानकीकरण
केंद्र सरकार की यह पहल ऐसे समय में हुई है जब भारत और चीन के बीच सीमा से जुड़े मुद्दे लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। भारत पहले भी चीन द्वारा भारतीय क्षेत्रों के लिए अलग-अलग नाम इस्तेमाल किए जाने का विरोध करता रहा है।
लद्दाख के इन 28 स्थानों को आधिकारिक भारतीय नक्शे में शामिल किए जाने से सीमावर्ती क्षेत्रों की आधिकारिक पहचान और मानचित्रण को और स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।



