रसोई का बजट फिर बिगड़ा, प्याज के दाम ने छुआ 60 रुपये किलो का आंकड़ा

नई दिल्ली। त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। चीनी के बाद अब प्याज की बढ़ती कीमतों ने घरेलू बजट बिगाड़ दिया है। देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों में प्याज के खुदरा दाम तेजी से बढ़े हैं। राष्ट्रीय स्तर पर प्याज की औसत खुदरा कीमत करीब 40 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई है, जबकि दिल्ली-NCR, मुंबई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में इसके दाम 50 से 60 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं।
भुवनेश्वर में दो दिनों में लगभग दोगुने हुए दाम
प्याज की कीमतों में सबसे तेज उछाल भुवनेश्वर में देखने को मिला है। यहां खुदरा बाजार में प्याज का भाव 25-30 रुपये प्रति किलो से बढ़कर करीब 55-60 रुपये प्रति किलो हो गया है। स्थानीय विक्रेताओं के मुताबिक, महज दो दिनों में कीमत लगभग दोगुनी हो गई है। अचानक आई इस तेजी का असर त्योहार से पहले लोगों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है।
एक महीने में करीब 17 फीसदी महंगा हुआ प्याज
प्याज के दामों में तेजी केवल पिछले कुछ दिनों की बात नहीं है। आंकड़ों के अनुसार, 21 जुलाई को प्याज की औसत खुदरा कीमत 34.87 रुपये प्रति किलो थी, जो 21 अगस्त को बढ़कर 40.79 रुपये प्रति किलो हो गई। यानी एक महीने में प्याज की कीमत में करीब 17 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
वहीं, पिछले साल की तुलना में प्याज और भी महंगा हुआ है। 21 अगस्त 2025 को औसत खुदरा कीमत 28.72 रुपये प्रति किलो थी। इस लिहाज से एक साल में प्याज के दाम में करीब 42 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बड़े शहरों में 50 से 60 रुपये किलो तक भाव
देश के प्रमुख शहरों में प्याज के दाम राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक हैं। दिल्ली-NCR में यह 50-55 रुपये, मुंबई में 52-58 रुपये, कोलकाता में 55-60 रुपये, चेन्नई में 48-54 रुपये, बेंगलुरु में 45-52 रुपये और पटना में 48-55 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।
त्योहारी सीजन में सब्जियों की मांग बढ़ने की संभावना के बीच कीमतों में और दबाव बनने की आशंका जताई जा रही है।
लासलगांव मंडी में भी बढ़े थोक भाव
महाराष्ट्र की लासलगांव मंडी, जो देश की प्रमुख प्याज मंडियों में शामिल है, वहां भी कीमतों में तेजी देखने को मिली है। पिछले एक सप्ताह में प्याज के थोक भाव में करीब 30 से 42 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है।
21 अगस्त को यहां प्याज का थोक भाव करीब 3,195 से 3,600 रुपये प्रति क्विंटल, यानी लगभग 32 से 36 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। वहीं दिल्ली की आजादपुर मंडी में अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज का थोक भाव 45-50 रुपये प्रति किलो से ऊपर बताया जा रहा है।
आपूर्ति और मांग का अंतर बना बड़ी वजह
प्याज की कीमतों में मौजूदा तेजी के पीछे आपूर्ति और मांग के बीच अंतर को प्रमुख वजह माना जा रहा है। खरीफ प्याज की बुआई में देरी के कारण नई फसल की मंडियों में आवक भी अपेक्षाकृत देर से हो रही है।
दूसरी ओर, त्योहारों का सीजन नजदीक आने से प्याज की मांग बढ़ रही है। नई फसल की पर्याप्त आवक नहीं होने और मांग में वृद्धि के कारण बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ गया है। हालांकि, नई फसल की आवक बढ़ने के बाद कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।



