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छत्तीसगढ़

स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री का संदेश: विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ विकास, रोजगार और सुशासन पर जोर

रायपुर, 15 अगस्त 2026। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के वीर शहीदों और महान विभूतियों को नमन करते हुए कहा कि यह दिन देश की एकता, अखंडता और गौरवशाली यात्रा से प्रेरणा लेकर विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम और जनजातीय समाज के नायकों धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह और वीर गुंडाधुर सहित अन्य वीरों के संघर्ष और बलिदान को श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने कहा कि इन महान नायकों की स्मृतियां आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देती रहेंगी।

नक्सलवाद के खिलाफ उपलब्धि और बस्तर के विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल मुक्त भारत का संकल्प पूरा हो चुका है और सुरक्षा बलों के पराक्रम तथा शहादत को देश नमन कर रहा है। उन्होंने बताया कि बस्तर में अब तिरंगा यात्राओं के जरिए लोग स्वतंत्रता का उत्सव मना रहे हैं। सरकार का लक्ष्य बस्तर के सर्वांगीण विकास को गति देना है।

उन्होंने ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के माध्यम से विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की बात कही। बस्तर में बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू करने, नए स्कूलों की स्वीकृति, दूरस्थ क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित करने और स्वास्थ्य जांच अभियान के जरिए बड़ी आबादी तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का दावा किया गया।

किसानों, गरीबों और महिलाओं के लिए योजनाओं का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने किसानों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि धान के लिए 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से भुगतान किया जा रहा है। फसल विविधता को बढ़ावा देने के लिए धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलों की खेती करने पर आदान सहायता देने की बात कही गई।

उन्होंने बताया कि ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से 70 लाख हितग्राही महिलाओं के खातों में अब तक 19,444 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं। वहीं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के जरिए 73 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई।

युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और नवाचार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती, शिक्षक एवं सहायक शिक्षक के 3,946 पदों पर भर्ती प्रक्रिया और बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती का उल्लेख किया गया। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए कर्मचारी चयन मंडल और नकल रोकने के लिए सख्त कानून की जानकारी भी दी गई।

उन्होंने बताया कि ‘छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति’ के तहत 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनाया गया है। साथ ही राज्य में 500 करोड़ रुपये के छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन को मंजूरी देने की बात कही गई, जिसके तहत एआई डेटा लैब, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एआई आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी।

स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान योजना के जरिए राज्य के 91 प्रतिशत लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलने की बात कही। नवा रायपुर में मेडिसिटी निर्माण और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया गया।

औद्योगिक विकास को लेकर उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। प्रदेश में नए औद्योगिक क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और एआई आधारित औद्योगिक ढांचे को विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

सड़क, बिजली और डिजिटल कनेक्टिविटी पर जोर

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया। रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर और रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क को विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। पिछले ढाई वर्षों में 829 मोबाइल टॉवर स्थापित करने और 5,659 ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ने की योजना की जानकारी भी दी गई।

पर्यावरण, सुशासन और नई पहल

मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जाने की जानकारी दी। सुशासन को मजबूत करने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली, सीएम हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु पोर्टल जैसी पहलों का उल्लेख किया गया।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उन्होंने ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाने की बात कही गई। इसके साथ ही 6,524 गांवों में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय निर्माण का भी उल्लेख किया गया।

पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने बस्तर और सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की बात कही। चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने और वहां टेंट सिटी बनाने की योजना का उल्लेख किया गया। सिरपुर को भी विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित करने की बात कही।

उन्होंने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और कला को संरक्षित करने के लिए स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की विरासत को सम्मानित करने हेतु ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’ शुरू करने तथा छत्तीसगढ़ी सिनेमा के विकास के लिए ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ के निर्माण की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने अंत में विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ को सामूहिक लक्ष्य बताते हुए प्रदेशवासियों से एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने ऋग्वेद के मंत्र ‘संगच्छध्वं, सं वदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्’ के अनुरूप साथ चलने और एकजुट होकर प्रदेश के विकास में योगदान देने की अपील की।

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Kailash Jaiswal

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