
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के जीवन और उनके संघर्षों को देशवासियों, खासकर युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। पूर्व राष्ट्रपति की आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजय: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के विमोचन के मौके पर पीएम मोदी ने कोविंद के जीवन से जुड़े कई अनसुने प्रसंग साझा किए और उनकी सादगी, विनम्रता तथा देशसेवा की भावना की सराहना की।
प्रोटोकॉल छोड़कर पीएम को विदा करने आते थे कोविंद
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि जब वह प्रधानमंत्री के तौर पर राष्ट्रपति भवन में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने जाते थे, तो कोविंद अक्सर उन्हें विदा करने के लिए खुद उनकी कार तक आते थे।
पीएम मोदी के मुताबिक, उन्होंने कई बार पूर्व राष्ट्रपति से ऐसा नहीं करने का आग्रह किया, क्योंकि राष्ट्रपति पद से जुड़े कड़े प्रोटोकॉल होते हैं। इसके बावजूद कोविंद अपनी सहजता और विनम्रता के कारण प्रधानमंत्री को कार तक छोड़ने आते रहे।
गांव पहुंचे तो मिट्टी को किया नमन
प्रधानमंत्री ने कोविंद के पैतृक गांव परौंख से जुड़ा एक भावुक प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति बनने के बाद जब रामनाथ कोविंद पहली बार अपने गांव पहुंचे, तो उन्होंने अपने शिक्षकों के पैर छुए और गांव की मिट्टी को नमन किया।
पीएम मोदी ने कहा कि कोविंद का यह व्यवहार भारतीय संस्कारों और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की भावना को दर्शाता है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति की इस सादगी को देश के लिए प्रेरणादायक बताया।
राष्ट्रपति पद के बाद भी देशसेवा जारी
प्रधानमंत्री ने रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति पद से मुक्त होने के बाद भी सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने की सराहना की। उन्होंने कहा कि कोविंद आज भी देशहित से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में योगदान दे रहे हैं।
पीएम मोदी ने उनके नेतृत्व में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया और कहा कि सर्वोच्च संवैधानिक पद पर रहने के बाद भी देश के प्रति उनकी सेवा की भावना जारी है।
युवाओं को PM मोदी का खास संदेश
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने आज की युवा पीढ़ी, खासकर Gen Z, को सफलता के लिए शॉर्टकट अपनाने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और इन्फ्लुएंसर्स के दौर में कई बार युवाओं को आसान और तुरंत सफलता पाने का भ्रम हो सकता है।
रेलवे स्टेशन का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि लोग कई बार सुरक्षित फुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल करने के बजाय पटरियां पार करने का शॉर्टकट अपनाते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा—“A shortcut will cut you short.”
पीएम मोदी ने युवाओं से कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए मेहनत, अनुशासन और सही रास्ते को अपनाना जरूरी है। उन्होंने युवाओं को सफल और महान लोगों की आत्मकथाएं पढ़ने की सलाह दी, ताकि वे उनके संघर्षों और अनुभवों से सीख लेकर अपने जीवन में सही दिशा चुन सकें।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा का विमोचन कार्यक्रम उनके जीवन-संघर्ष, सादगी और सार्वजनिक सेवा की यात्रा को सामने लाने के साथ-साथ युवाओं के लिए प्रेरणा का संदेश भी बन गया।



