वंदे मातरम् का अपमान करना अब अपराध, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद देश में लागू हुआ कानून

नई दिल्ली। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। लोकसभा और राज्यसभा से मंजूरी मिलने के बाद मंगलवार, 11 अगस्त को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी ‘वंदे मातरम् बिल’ को अपनी मंजूरी दे दी। राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ ही यह विधेयक अब कानून बन गया है।
नए कानून के तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को जानबूझकर गाने से रोकना या उसके गायन में बाधा डालना अपराध माना जाएगा। सरकार के बयान के मुताबिक, इस कानून के जरिए राष्ट्रीय गीत को भी वैसी ही कानूनी सुरक्षा देने का प्रावधान किया गया है, जैसी वर्तमान में राष्ट्रीय गान को प्राप्त है।
वंदे मातरम् के सम्मान को लेकर सख्त प्रावधान
कानून लागू होने के बाद किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर राष्ट्रीय गीत के गायन में रुकावट डालने या किसी अन्य व्यक्ति को इसे गाने से रोकने की कोशिश करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी।
सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य देश के राष्ट्रीय गीत के प्रति सम्मान और गरिमा सुनिश्चित करना है।
संसद के दोनों सदनों से मिली थी मंजूरी
‘वंदे मातरम् बिल’ को पहले लोकसभा और राज्यसभा से मंजूरी मिली। इसके बाद इसे राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा गया था। मंगलवार को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह विधेयक कानून में बदल गया और इसके प्रावधान लागू हो गए।
इस कदम के बाद राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान और उसके सार्वजनिक गायन को लेकर कानूनी व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट हो गई है।



