RO.NO. 01
देश

भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का शुभारंभ आज, गुंडिचा मंदिर की ओर बढ़ेंगे तीनों रथ, श्रद्धालुओं में उत्साह

पुरी। ओडिशा के पवित्र तीर्थ नगरी पुरी में गुरुवार, 16 जुलाई से भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध वार्षिक रथ यात्रा का शुभारंभ होगा। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा अपने-अपने भव्य रथों पर सवार होकर श्री जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे। इस वर्ष रथ यात्रा में देश-विदेश से करीब 30 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है।

रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ नंदीघोष, भगवान बलभद्र तालध्वज और देवी सुभद्रा दर्पदलन रथ पर विराजमान होंगे। तीनों विशाल काष्ठ रथों का निर्माण हर वर्ष पारंपरिक विधि से किया जाता है। श्रद्धालु 250 फीट लंबी विशेष रस्सियों से इन रथों को खींचते हैं, जिसे सनातन परंपरा में अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।

रथ यात्रा श्री जगन्नाथ मंदिर से लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित गुंडिचा मंदिर तक जाती है, जिसे भगवान की मौसी का घर माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा यहां नौ दिनों तक प्रवास करते हैं। इसके बाद वे बहुदा यात्रा के माध्यम से पुनः मुख्य मंदिर लौटते हैं।

रथ यात्रा से पहले भगवान जगन्नाथ के अनसर काल की परंपरा भी निभाई जाती है। ज्येष्ठ पूर्णिमा पर 108 कलशों से महाभिषेक के बाद भगवान 15 दिनों तक विश्राम करते हैं। इस दौरान भक्तों के लिए दर्शन बंद रहते हैं और स्वस्थ होने के बाद नवयौवन दर्शन के साथ भगवान रथ यात्रा में शामिल होते हैं।

इस पर्व से जुड़ी एक प्रसिद्ध मान्यता देवी लक्ष्मी के रूठने की भी है। कहा जाता है कि भगवान जगन्नाथ जब उन्हें साथ लिए बिना गुंडिचा मंदिर जाते हैं, तो देवी लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं। बहुदा यात्रा के बाद भगवान उन्हें रसगुल्ला अर्पित कर मनाते हैं। इसी परंपरा के कारण पुरी में नीलाद्रि बिजे के अवसर पर रसगुल्ला दिवस भी मनाया जाता है।

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का उल्लेख स्कंद पुराण, ब्रह्म पुराण और पद्म पुराण सहित कई प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। 12वीं शताब्दी से चली आ रही यह परंपरा आज दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में गिनी जाती है।

रथ यात्रा को लेकर प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सभी विभागों के साथ समीक्षा बैठक कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और सुचारु आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें पूरे मार्ग पर तैनात रहेंगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

Share this

Kailash Jaiswal

"BBN24 News - ताजा खबरों का सबसे विश्वसनीय स्रोत! पढ़ें छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया की ब्रेकिंग न्यूज, राजनीति, खेल, व्यवसाय, मनोरंजन और अन्य अपडेट सबसे पहले।"

Related Articles

Back to top button