छत्तीसगढ़ विधानसभा का मॉनसून सत्र आज से शुरू, 17 जुलाई तक चलेगा — हंगामेदार रहने के आसार

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा का मॉनसून सत्र आज यानी सोमवार से शुरू हो रहा है, जो 17 जुलाई तक चलेगा। पांच दिनों के इस संक्षिप्त सत्र में कुल 5 बैठकें आयोजित की जाएंगी। इस दौरान वित्तीय मामलों पर चर्चा के साथ राज्य सरकार 9 महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक सदन के पटल पर पेश करेगी।
एक तरफ सरकार जहां अपने विधायी कामकाज को पूरा करने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष ने भी सरकार को घेरने के लिए पूरी रणनीति बना ली है। ऐसे में इस सत्र के हंगामेदार रहने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं।
मॉनसून सत्र के दौरान किसानों की समस्याएं, राज्य की कानून-व्यवस्था और नवा रायपुर के नकटी गांव में हुए हालिया विवाद जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार को कटघरे में खड़ा कर सकता है।
कांग्रेस के तेवरों को देखते हुए इस बात की भी चर्चा तेज है कि विपक्ष सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है, जिससे सियासी माहौल और गरमा सकता है।
सत्र के पहले दिन की कार्यवाही की शुरुआत श्रद्धांजलि के साथ होगी।
सदन में प्रख्यात पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित दिवंगत तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद प्रश्नकाल शुरू होगा, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्री टंकराम वर्मा और केदार कश्यप विधायकों के सवालों के जवाब देंगे।
पहले दिन ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर भी अहम चर्चा होगी।
प्रश्नकाल के बाद जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाएंगे। इसके साथ ही विधायक अजय चंद्राकर और ब्यास कश्यप द्वारा लगाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा होगी, जिनमें पुरातात्विक वस्तुओं के संरक्षण और परिवार नियोजन प्रोत्साहन राशि में अनियमितता जैसे मुद्दे शामिल हैं।
इस बार सवालों की संख्या भी खासा चर्चा में है मॉनसून सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय को कुल 1033 प्रश्न प्राप्त हुए हैं। इनमें से 36 विधायकों ने नियमों के तहत अधिकतम 20-20 प्रश्न लगाए हैं। खास बात यह है कि सवाल पूछने वालों में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायक बड़ी संख्या में शामिल हैं।
कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह मॉनसून सत्र छोटे समय का जरूर है, लेकिन मुद्दों की गर्मी और सियासी टकराव इसे काफी अहम और संभावित रूप से हंगामेदार बना सकता है।



