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छत्तीसगढ़

बस्तर को मिली अत्याधुनिक कैथलैब की सौगात- स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया लोकार्पण

रायपुर : बस्तर की स्वास्थ्य सेवाओं में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया, जब प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने डिमरापाल में स्थापित कॉन्टिनेंटल सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में बस्तर संभाग की पहली और छत्तीसगढ़ की दूसरी अत्याधुनिक कैथलैब का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि इस सुविधा के शुरू होने से अब बस्तर सहित पूरे प्रदेश के हृदय रोगियों को समय पर आधुनिक उपचार उपलब्ध होगा और गंभीर मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

लोकार्पण के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कैथलैब सहित अस्पताल के विभिन्न विभागों का निरीक्षण कर उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे के सौ दिन के साथ-साथ जगदलपुर सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल के भी सौ दिन पूरा होने की बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर की जनता को दिल की गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए श्कैथ लैबश् के रूप में एक बहुत बड़ी सौगात मिली है, जो मेकाहारा के बाद छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी कैथ लैब संस्थान है।

इसके साथ ही बस्तर की नैसर्गिक सुंदरता के बीच योग और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए पीपीपी मोड पर एक समर्पित योग और नेचरोपैथी हॉस्पिटल भी लाया जा रहा है। चिकित्सा व्यवस्था में आए इस बड़े सुधार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महारानी अस्पताल में पिछले दो वर्षों के भीतर मरीजों के इलाज के आंकड़ों में डेढ़ गुना का रिकॉर्ड इजाफा हुआ है।

बस्तर में स्वास्थ्य के क्षेत्र में हुए इस अभूतपूर्व बदलाव का लोहा अब वैश्विक संस्थाएं भी मान रही हैं, यही वजह है कि जल्द ही विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ की विशेष टीमें इस जमीनी बदलाव को देखने बस्तर आ रही हैं। श्मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियानश् की कामयाबी के चलते आज बस्तर क्षेत्र के लगभग 99 प्रतिशत लोगों का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और चेकअप तैयार किया जा चुका है, जो स्वास्थ्य विभाग की एक बेहतरीन मिसाल है।

इसके अलावा, कॉन्टिनेंटल ग्रुप हॉस्पिटल के साथ मिलकर स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने का काम भी किया गया है, जिसके तहत अस्पताल के प्रबंधन और विभिन्न श्रेणियों में 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी गई है। मंत्री  जायसवाल ने बताया कि केंद्र सरकार ने आयुर्वेद आधारित उपचार प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए देश में तीन केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है। इनमें से एक केंद्र बस्तर में स्थापित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।

इस अवसर पर कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल्स के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. गुरु एन. रेड्डी ने बताया कि कैथलैब (कार्डियक कैथेटराइजेशन लैब) एक अत्याधुनिक चिकित्सा इकाई है, जहां बिना बड़े ऑपरेशन के हृदय एवं रक्त वाहिकाओं से जुड़े रोगों की जांच और उपचार किया जाता है। यहां कोरोनरी एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी (स्टेंट प्रत्यारोपण), पेसमेकर प्रत्यारोपण सहित विभिन्न इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी प्रक्रियाएं आधुनिक तकनीक से की जा सकेंगी।उन्होंने बताया कि इस सुविधा के प्रारंभ होने से अब बस्तर संभाग के साथ-साथ पड़ोसी राज्य के मरीजों को भी स्थानीय स्तर पर सुपर स्पेशलिटी हृदय उपचार उपलब्ध होगा। इससे मरीजों का समय और खर्च दोनों बचेंगे तथा आपातकालीन स्थितियों में जीवनरक्षक उपचार शीघ्र मिल सकेगा। अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत भी मरीजों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

इस अवसर पर वन मंत्री  केदार कश्यप, सांसद  महेश कश्यप, विधायक  किरण सिंह देव, विधायक  विनायक गोयल, जिला पंचायत अध्यक्ष  वेदवती कश्यप, महापौर  संजय पाण्डेय, कलेक्टर  आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक  शलभ सिन्हा, कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सभी चिकित्सक सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं अस्पताल के कर्मचारी उपस्थित रहे।

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Kailash Jaiswal

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