आपातकाल के 51 वर्ष: भाजपा ने कांग्रेस के तानाशाही इतिहास पर साधा निशाना

भाटापारा, 25 जून। देश में लागू किए गए आपातकाल के 51 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी, बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा भाजपा कार्यालय भाटापारा में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान भाजपा नेताओं ने आपातकाल को स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
नेताओं ने कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा लगाया गया आपातकाल लोकतंत्र, संविधान, न्यायपालिका, मीडिया और नागरिक अधिकारों पर सीधा प्रहार था। 21 महीनों तक चले इस दौर में देशभर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचल दिया गया और लाखों लोगों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए।
किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष आलोक ठाकुर ने कहा कि आपातकाल कांग्रेस की तानाशाही सोच का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सत्ता बचाने के लिए लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया और आम नागरिकों से लेकर किसानों व मजदूरों तक सभी के अधिकारों का हनन किया गया।
वरिष्ठ भाजपा नेता शिवरतन शर्मा ने कहा कि 25 जून 1975 की रात भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में काले दिन के रूप में दर्ज है। उन्होंने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा इंदिरा गांधी के चुनाव को निरस्त किए जाने के बाद सत्ता बचाने के लिए आपातकाल थोप दिया गया। इस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, जयप्रकाश नारायण सहित हजारों विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया और प्रेस पर सेंसरशिप लागू कर दी गई।


भाजपा जिला अध्यक्ष आनंद यादव ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि आपातकाल के दौरान 42वें संविधान संशोधन के जरिए संविधान की मूल भावना को बदलने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस द्वारा संविधान बचाने की बात करना विडंबना है।
प्रेस वार्ता में भाजपा नेता राकेश तिवारी, ओम प्रकाश देवांगन, नगर पालिका अध्यक्ष अश्वनी शर्मा और द्वारका वर्मा सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने आपातकाल को लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला बताते हुए नई पीढ़ी को इसके इतिहास से अवगत कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।



