वेनेजुएला भूकंप त्रासदी पर पीएम मोदी ने जताया शोक, ट्रंप ने कहा- शुरुआती रिपोर्ट चिंताजनक

काराकस। वेनेजुएला में आए लगातार दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है। भूकंप के तेज झटकों से कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और बड़े पैमाने पर जानमाल के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। इस आपदा पर दुनिया भर के नेताओं ने चिंता व्यक्त की है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पीड़ितों के प्रति संवेदना जताते हुए हर संभव सहायता का भरोसा दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप से हुई तबाही से वह बेहद दुखी हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़ा है और हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।
वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला में आए दोनों बड़े भूकंप बेहद विनाशकारी हैं और शुरुआती रिपोर्टें चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका राहत और बचाव कार्यों में सहयोग के लिए तैयार है तथा सभी संबंधित एजेंसियों को तत्काल तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार बुधवार देर शाम पहले 7.1 तीव्रता और उसके एक मिनट बाद 7.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। दोनों भूकंपों का केंद्र वेनेजुएला की राजधानी काराकस से करीब 160 किलोमीटर पश्चिम में स्थित तटीय शहर मोरोन के पास था। भूकंप की गहराई महज 10 किलोमीटर होने के कारण इसका प्रभाव और अधिक विनाशकारी माना जा रहा है।
यूएसजीएस ने चेतावनी दी है कि इस आपदा में भारी जनहानि और व्यापक नुकसान की आशंका है। एजेंसी ने अनुमान जताया है कि प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति गंभीर हो सकती है। वहीं स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार काराकस समेत कई शहरों में इमारतों को नुकसान पहुंचा है और लोगों में दहशत का माहौल है।
वेनेजुएला के गृह, न्याय एवं शांति मंत्री डियोसडाडो कैबेलो ने बताया कि देश के कई शहरों में भूकंप से नुकसान हुआ है। राजधानी काराकस के पूर्वी हिस्से में कई इमारतों के गिरने की खबर है, हालांकि मृतकों और घायलों की आधिकारिक संख्या अभी जारी नहीं की गई है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आफ्टरशॉक्स के खतरे को देखते हुए क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की अपील की है। वहीं पड़ोसी देश कोलंबिया के कई शहरों में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार स्थिति का आकलन कर रहे हैं।



