भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता बनेगा गेमचेंजर, पीयूष गोयल ने गिनाए फायदे

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) देश के किसानों, मछुआरों, कारीगरों, छोटे कारोबारियों और आम लोगों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन के प्रीमियम बाजार तक बेहतर पहुंच दिलाएगा और रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में गोयल ने कहा कि समझौते से महिला उद्यमियों, युवाओं, स्टार्टअप्स और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए वैश्विक स्तर पर नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता भारत के मूल हितों से समझौता किए बिना वंचित वर्गों को सशक्त बनाने का काम करेगा।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 15 जुलाई से लागू होने वाला CETA भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में व्यापक पहुंच प्रदान करेगा। इसके तहत लगभग 99 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शुल्क तत्काल समाप्त कर दिया जाएगा, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा लाभ मिलेगा। यह प्रावधान लगभग 100 प्रतिशत व्यापार मूल्य को कवर करेगा।
गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की मौजूदगी में हस्ताक्षरित यह समझौता समाज के सभी वर्गों को लाभ पहुंचाने वाला है। किसानों को प्रीमियम निर्यात बाजारों तक पहुंच मिलेगी, जबकि मछुआरों को ब्रिटेन में समुद्री उत्पादों के निर्यात का अवसर मिलेगा। इसके अलावा श्रमिकों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और पेशेवरों को अधिक गतिशीलता व पहचान मिलेगी।
उन्होंने कहा कि हल्दी, काली मिर्च, इलायची, आम का गूदा, अचार और दालों जैसे प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों को ब्रिटेन में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा। इससे कृषि निर्यात बढ़ेगा, किसानों की आय में सुधार होगा और गुणवत्ता, पैकेजिंग तथा प्रमाणन को बढ़ावा मिलेगा।
हालांकि, सरकार ने घरेलू किसानों के हितों की रक्षा के लिए डेयरी उत्पाद, अनाज, मोटे अनाज (मिलेट्स), सेब, ओट्स और खाद्य तेल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को समझौते से बाहर रखा है। गोयल ने कहा कि यह कदम खाद्य सुरक्षा, मूल्य स्थिरता और कमजोर किसान समुदायों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के विशाल बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलने से भारतीय विनिर्माण क्षेत्र को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। फुटबॉल, क्रिकेट उपकरण, रग्बी बॉल और खिलौने बनाने वाली भारतीय कंपनियां ब्रिटेन में अपने कारोबार का तेजी से विस्तार कर सकेंगी। शुल्क समाप्त होने से लंबे समय से मौजूद व्यापारिक बाधाएं खत्म होंगी और भारतीय निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
गोयल ने कहा कि यह समझौता देश की वास्तविक अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि तिरुपुर के वस्त्र उद्योग से लेकर बेंगलुरु की प्रयोगशालाओं, सूरत के हीरा उद्योग और हैदराबाद के सॉफ्टवेयर क्षेत्र तक, यह समझौता देश के विभिन्न क्षेत्रों में विकास और रोजगार की नई संभावनाएं पैदा करेगा।



