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‘भारत सिर्फ इतिहास नहीं, भविष्य भी लिख रहा है’, पीएम मोदी ने दिया नया विजन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत कोई क्षणिक घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने वाला देश नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की सभ्यता और अनुभवों से समृद्ध राष्ट्र है। उन्होंने कहा कि भारत के पास युगों की स्मृतियों का विशाल अनुभव है और आज देश जो कार्य कर रहा है, वह आने वाले एक हजार वर्षों के भविष्य की नींव रख रहा है।

सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित एक निजी समाचार चैनल के समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और एक विश्वसनीय वैश्विक शक्ति के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

उन्होंने कहा, “भारत किसी क्षणिक घटना पर उतावला होने वाला देश नहीं है। हमने विकास भी देखा है और विनाश भी झेला है। भारत के जेहन में युगों की मेमोरी चिप लगी हुई है और इसलिए आज भारत जो कर रहा है, वह आने वाले एक हजार वर्षों का भविष्य लिखने वाला है। यही दुनिया के लिए भारत की सबसे बड़ी गारंटी है।”

प्रधानमंत्री ने हाल ही में संपन्न जी-7 शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया के सभी प्रमुख नेता यह समझ चुके हैं कि आज के भारत के लिए ‘नेशन फर्स्ट’ सबसे बड़ा मंत्र और सर्वोच्च सिद्धांत है।

माओवाद पर सरकार की रणनीति का किया उल्लेख

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में माओवादी हिंसा के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब आदिवासी क्षेत्रों में माओवादी आतंक का प्रभाव इतना अधिक था कि वहां सरकारी वाहन तक नहीं पहुंच पाते थे और विकास कार्य बाधित रहते थे।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच माओवादी हिंसा से जुड़ी 17 हजार से अधिक घटनाएं हुईं और करीब 7 हजार लोगों की जान गई। लेकिन 2014 के बाद सरकार ने ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ इस चुनौती से निपटने का संकल्प लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने केवल सुरक्षा बलों के जरिए ही नहीं, बल्कि विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से भी प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव लाने का प्रयास किया।

विकास के जरिए बदली तस्वीर

मोदी ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में साढ़े 9 हजार से अधिक मोबाइल टावर स्थापित किए गए और लगभग 45 हजार गांवों तक मोबाइल कनेक्टिविटी पहुंचाई गई। इसके अलावा 1800 से अधिक बैंक शाखाएं खोली गईं, 75 हजार से अधिक बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट नियुक्त किए गए तथा 6 हजार से ज्यादा नए डाकघर शुरू किए गए।

उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल बंदूक और गोलियों के सहारे काम नहीं किया, बल्कि लोगों का विश्वास जीतने और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए व्यापक प्रयास किए।

प्रधानमंत्री ने दावा किया कि आज देश में माओवादी आतंकवाद अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है और प्रभावित क्षेत्रों में विकास तथा सुशासन की नई तस्वीर दिखाई दे रही है।

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Kailash Jaiswal

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