
भाटापारा। जिला आबकारी विभाग ने करीब 10 हजार रुपये की अवैध देशी शराब जब्त कर बड़ी कार्रवाई का दावा किया है, लेकिन भाटापारा ब्लॉक में खुलेआम फल-फूल रहे अवैध शराब कारोबार के बीच यह कार्रवाई ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है। गांव-गांव और शहर के लगभग हर वार्ड में शराब माफिया और कोचियों के सक्रिय होने की चर्चा आम है, बावजूद इसके विभागीय कार्रवाई केवल छोटे कारोबारियों तक सीमित नजर आ रही है।
सूत्रों के मुताबिक अवैध शराब का कारोबार प्रतिदिन पेटियों के हिसाब से चल रहा है। बोरा और झोलों में शराब की सप्लाई गांवों और मोहल्लों तक पहुंच रही है, लेकिन बड़े सप्लायरों और असली माफियाओं तक आबकारी विभाग के हाथ नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे विभाग की कार्रवाई पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

जारी कार्रवाई के अनुसार थाना हथबंद क्षेत्र के ग्राम लावर से घुरऊराम पारधी और ग्राम बिलाईडबरी से गोपाल रात्रे के कब्जे से कुल 74 पाव देशी मदिरा मसाला यानी 13.32 बल्क लीटर शराब जब्त की गई, जिसकी कीमत करीब 7,400 रुपये बताई गई है। वहीं पलारी क्षेत्र के ग्राम खरतोरा में कमल नारायण साहू के कब्जे से 30 पाव यानी 5.4 बल्क लीटर शराब जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग 3,000 रुपये आंकी गई।
तीनों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2) और 59(क) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।इधर आम लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में सख्त कार्रवाई हो तो गांव-गांव बिक रही अवैध शराब पर रोक लग सकती है, लेकिन विभाग केवल छोटे लोगों को पकड़कर खानापूर्ति करता दिखाई दे रहा है। बड़े शराब माफिया आज भी बेखौफ होकर कारोबार चला रहे हैं।
जब इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी मुकेश अग्रवाल से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। यदि किसी व्यक्ति के पास अवैध शराब माफिया या कोचियों की जानकारी हो तो विभाग को उपलब्ध कराएं, निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल यही है कि जब क्षेत्र में खुलेआम अवैध शराब बिकने की चर्चा हर चौक-चौराहे पर है, तब आखिर बड़े शराब माफियाओं तक कार्रवाई कब पहुंचेगी?



