नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से मांगा सहयोग, कहा- कम करें ईंधन खर्च और सोने की खरीदारी

नरेंद्र मोदी ने सिकंदराबाद में आयोजित एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए देशवासियों से वैश्विक आर्थिक हालात को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की। प्रधानमंत्री ने मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि इन अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल, सोना और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इसका असर आम लोगों की जिंदगी और देश की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने नागरिकों से जरूरत के अनुसार खर्च करने और संसाधनों की बचत को प्राथमिकता देने की अपील की।
एक साल तक सोना खरीदने से बचने की सलाह
सभा के दौरान पीएम मोदी ने लोगों से विशेष तौर पर सोने की खरीदारी को लेकर सावधानी बरतने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत में शादियों और पारिवारिक कार्यक्रमों में बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जाता है, लेकिन मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए लोगों को कम से कम एक साल तक सोना खरीदने से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सोने के आयात पर देश की बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। ऐसे समय में यदि लोग जरूरत से ज्यादा खरीदारी से बचेंगे तो विदेशी मुद्रा की बचत होगी और देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि यह केवल व्यक्तिगत बचत का विषय नहीं, बल्कि देशहित से जुड़ा मुद्दा भी है।
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर चिंता
प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई प्रभावित हुई है। कई देशों में तेल आपूर्ति बाधित होने से कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव का असर देश में भी दिखाई देता है। पीएम मोदी ने ईंधन की बचत को राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताते हुए लोगों से निजी वाहनों का कम उपयोग करने और सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील की।
वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन सिस्टम पर जोर
प्रधानमंत्री ने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान लोगों ने वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी व्यवस्थाओं का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में इन व्यवस्थाओं को फिर से बढ़ावा देने की जरूरत है।
पीएम मोदी ने कहा कि यदि कार्यालयों और कंपनियों में आंशिक रूप से वर्क फ्रॉम होम अपनाया जाए तो ईंधन की खपत कम होगी और ट्रैफिक का दबाव भी घटेगा।
किसानों को राहत देने का दावा
महंगाई और वैश्विक संकट के बीच प्रधानमंत्री ने किसानों को दी जा रही सरकारी सहायता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में उर्वरक की एक बोरी करीब 3000 रुपये तक बिक रही है, जबकि भारत सरकार भारी सब्सिडी देकर किसानों को यह 300 रुपये से भी कम कीमत में उपलब्ध करा रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि वैश्विक संकट का बोझ सीधे आम नागरिकों और किसानों पर न पड़े।
विपक्ष पर साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब विकास और विश्वास की राजनीति को प्राथमिकता दे रही है और अस्थिरता तथा नकारात्मक राजनीति से दूर रहना चाहती है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और वैश्विक संकट के बीच भी आम लोगों को राहत पहुंचाना है।



