
भाटापारा: बढ़ती गर्मी और संभावित लू के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने शासन के निर्देशानुसार लू-तापघात से बचाव एवं आवश्यक तैयारियों के लिए अपर कलेक्टर अभिषेक कुमार गुप्ता को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
भारत सरकार के गृहमंत्रालय एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार लू से बचाव के लिए व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
लू (तापघात) के प्रमुख लक्षण:
सिर दर्द और भारीपन, तेज बुखार के साथ मुंह सूखना, चक्कर आना, उल्टी, शरीर में कमजोरी और दर्द, पसीना न आना, अत्यधिक प्यास लगना, पेशाब कम होना, भूख कम लगना एवं बेहोशी जैसे लक्षण शामिल हैं।
बचाव के उपाय:
लू से बचने के लिए अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचें। बाहर जाते समय सिर और कान को कपड़े से ढकें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और लंबे समय तक धूप में रहने से बचें। हल्के व सूती कपड़े पहनें ताकि शरीर को ठंडक मिल सके। अधिक पसीना आने पर ओआरएस घोल, लस्सी, मठा, नींबू पानी जैसे पेय का सेवन करें।
चक्कर या उल्टी की स्थिति में तुरंत छायादार स्थान पर आराम करें और शीतल पेय लें। प्रारंभिक परामर्श के लिए 104 आरोग्य सेवा केंद्र से नि:शुल्क सलाह ली जा सकती है।
लू लगने पर प्राथमिक उपचार:
पीड़ित के सिर पर ठंडे पानी की पट्टी रखें, शरीर पर ठंडा पानी छिड़कें और अधिक मात्रा में तरल पदार्थ जैसे आम का पना, जलजीरा आदि दें। मरीज को तुरंत ठंडी जगह पर लिटाकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए ले जाएं।
हीट वेव में क्या करें:
पर्याप्त पानी पिएं, ढीले और हल्के सूती कपड़े पहनें, ओआरएस, छाछ, लस्सी, नींबू पानी जैसे पेय लें। बाहर जाने पर सिर और चेहरे को ढकें।
क्या न करें:
दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। नंगे पैर या बिना सिर ढके धूप में न जाएं। शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड पेय से दूरी रखें। ज्यादा मसालेदार और तैलीय भोजन से बचें तथा बीमार होने पर घर से बाहर न निकलें।प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि लापरवाही न बरतें और गर्मी के इस मौसम में सावधानी अपनाकर स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित


