‘मोदी और मैं काम पूरा करते हैं’—ट्रंप का बयान, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच चर्चा तेज

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर एक अहम संदेश सामने आया है। भारत में अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान को साझा किया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें ऐसा नेता बताया जो अपने लक्ष्य को पूरा करने की क्षमता रखते हैं।
दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्रंप का बयान साझा करते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग और मजबूत होने की उम्मीद है। ट्रंप ने अपने संदेश में कहा कि भारत के साथ अमेरिका के संबंध बेहतरीन हैं और भविष्य में ये और गहरे होंगे। उन्होंने पीएम मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों नेता ऐसे हैं जो तय किए गए काम को पूरा करने में विश्वास रखते हैं।
यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बनी हुई है। दरअसल, मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया के हालात को लेकर सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि भारत क्षेत्र में तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि होर्मुज जलडमरूमध्य का खुला, सुरक्षित और सुचारु रहना वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद जरूरी है।
दोनों नेताओं ने बातचीत के दौरान क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इस मुद्दे पर भविष्य में भी आपसी संपर्क बनाए रखने पर सहमति बनी है।
पश्चिम एशिया में हाल ही में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद तनाव बढ़ गया है। इसके बाद ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। इस स्थिति का असर वैश्विक बाजारों और ऊर्जा कीमतों पर भी देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच राजनीतिक और रणनीतिक स्तर पर करीबी सहयोग देखने को मिला है। दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा और रणनीतिक साझेदारी जैसे कई क्षेत्रों में संबंध लगातार मजबूत हुए हैं।



