RO.NO. 01
छत्तीसगढ़भाटापारा

निपनिया धान खरीदी केंद्र में रेत-पत्थर से भरे बोरे का खेल! वीडियो वायरल के बाद मचा हड़कंप, प्रभारी को नोटिस

भाटापारा: प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित निपनिया धान खरीदी केंद्र से कुछ दिन पहले एक चौंकाने वाला वीडियो वायरल होने के बाद सहकारिता विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। वायरल वीडियो में आरोप लगाया गया था कि धान के बोरो में रेत और पत्थर भरकर धान का स्टैक लगाया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उप आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं, बलौदाबाजार-भाटापारा ने केंद्र प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

जारी नोटिस में कहा गया है कि विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान खरीदी के दौरान धान में रेत, कंकड़ और धूल-मिट्टी मिलाने की शिकायतें सामने आई हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि धान खरीदी में लगे हमालों द्वारा धान में मिलावट कर केंद्र में अत्यधिक मात्रा में धान की आवक दर्शाई जा रही थी, जिससे पूरी खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
विभाग ने इसे धान खरीदी नीति 2025-26 के निर्देशों का सीधा उल्लंघन मानते हुए केंद्र प्रभारी की कार्यप्रणाली को गंभीर लापरवाही और उदासीनता बताया है। विभाग का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से संस्था की साख को भी गहरा नुकसान पहुंचा है। उप आयुक्त सहकारिता ने संबंधित प्रभारी को निर्देश दिया है कि वे 9 मार्च 2026 तक दस्तावेजों सहित अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें, अन्यथा एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।

जांच के दौरान हुआ बड़ा खुलासा
नोटिस के आधार पर 8 मार्च को जांच अधिकारी निपनिया धान खरीदी केंद्र पहुंचे। इसी दौरान भाटापारा विधानसभा के विधायक इंद्र साव भी निरीक्षण के लिए केंद्र पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। समिति प्रभारी लीलाधर सेन से जब आरोपों के संबंध में बात की गई तो उन्होंने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि फटे बोरो से गिरे धान को उठाकर बोरे में भर दिया गया होगा, जिसे गलत तरीके से रेत भरा बोरा बताया जा रहा है। वहीं जांच अधिकारी माखन सिंह कंवर ने जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि भौतिक सत्यापन में 343 कट्टा धान अधिक पाया गया है। समिति के हमालों और मुकदमों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। जब उनसे रेत भरे बोरे के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि हमालों और मुकदमों ने बयान में कहा है कि समिति प्रभारी के कहने पर रेत को धान के बोरे में भरा गया और उसका परिवहन भी कराया गया।

विधायक ने लगाया बड़ा आरोप
मामले को लेकर विधायक इंद्र साव ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी में भ्रष्टाचार कोई नई बात नहीं है। धान खरीदी से लेकर उठाव तक लगातार अनियमितताएं सामने आती रही हैं, लेकिन अब कमी को छिपाने के लिए धान में रेत मिलाना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन ट्रैक्टर रेत धान में मिलाकर करीब साढ़े पांच हजार कट्टा धान का परिवहन भी किया जा चुका है। विधायक ने यह भी कहा कि 28 फरवरी को हुई जांच में लगभग 150 कट्टा धान की कमी बताई गई थी,

जबकि 8 मार्च को आई जांच टीम 343 कट्टा धान अधिक बता रही है, जिससे पूरे मामले में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका साफ दिखाई देती है।
विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि जब वीडियो वायरल हुआ तब केंद्र प्रभारी का नाम लीलाधर सेन बताया गया, लेकिन नोटिस मेला राम सेन के नाम से जारी कर दिया गया, जो पूरे मामले में लीपापोती की कोशिश को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस गंभीर मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो इसे विधानसभा में भी उठाया जाएगा।
अब देखना यह होगा कि सहकारिता विभाग इस पूरे मामले में क्या कड़ी कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी जांच और कागजी कार्रवाई में ही दब कर रह जाएगा।

Share this

Kailash Jaiswal

"BBN24 News - ताजा खबरों का सबसे विश्वसनीय स्रोत! पढ़ें छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया की ब्रेकिंग न्यूज, राजनीति, खेल, व्यवसाय, मनोरंजन और अन्य अपडेट सबसे पहले।"

Related Articles

Back to top button