RO.NO. 01
अंतर्राष्ट्रीय

टैरिफ विवाद में सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, व्यापारिक माहौल में बदलाव की संभावना

वॉशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में लागू किए गए विवादित रेसिप्रोकल टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी रोक लगा दी है। अदालत ने IEEPA (इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर एक्ट) के तहत लगाए गए इन टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया है, जिसके बाद अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा विभाग (CBP) ने घोषणा की है कि मंगलवार से इन अतिरिक्त शुल्कों की वसूली पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।

IEEPA टैरिफ होंगे निष्क्रिय

CBP के बयान के अनुसार, आईईईपीए के तहत लगे टैरिफ कोड अमेरिकी समयानुसार रात 12.01 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह 10.30 बजे) से निष्क्रिय कर दिए जाएंगे। आयातकों को निर्देश दिए गए हैं कि उनके कार्गो सिस्टम में सभी संबंधित ड्यूटी कोड को तय समय से बंद कर दिया जाएगा।

अन्य शुल्कों पर कोई असर नहीं

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला केवल IEEPA के तहत लागू टैरिफ पर ही लागू होगा। ट्रंप प्रशासन द्वारा धारा 232 (राष्ट्रीय सुरक्षा) और धारा 301 (अनुचित व्यापार कानून) के तहत लगाए गए अन्य शुल्कों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले ने ट्रंप के व्यापार नीति के एक महत्वपूर्ण हिस्से पर अचानक ब्रेक लगा दिया है, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ा था।

175 अरब डॉलर का रिफंड मुद्दा

अदालत के फैसले के बाद अमेरिका पर 175 अरब डॉलर से अधिक के टैरिफ राजस्व को वापस करने का दबाव बढ़ गया है। इन गैरकानूनी टैरिफ से प्रतिदिन लगभग 500 मिलियन डॉलर की आय हो रही थी। फिलहाल प्रशासन ने स्पष्ट नहीं किया है कि आयातकों को इस रकम का रिफंड किया जाएगा या नहीं, जिससे वैश्विक व्यापार जगत में आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले हफ्तों में यह मामला वैश्विक व्यापार नीति और अमेरिकी कस्टम्स नियमों के दृष्टिकोण से बड़े बदलाव ला सकता है।

Share this

Kailash Jaiswal

"BBN24 News - ताजा खबरों का सबसे विश्वसनीय स्रोत! पढ़ें छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया की ब्रेकिंग न्यूज, राजनीति, खेल, व्यवसाय, मनोरंजन और अन्य अपडेट सबसे पहले।"

Related Articles

Back to top button