Parliament Budget Session 2026: विवादों के बीच पहला चरण 9 मार्च तक स्थगित

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र 2026 के पहले चरण का समापन राजनीतिक तनाव के बीच हुआ। लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में कथित तौर पर कोडीन युक्त कफ सिरप के सेवन से हुई मौतों का मुद्दा उठाया। विरोध के कारण प्रश्नकाल सुचारु रूप से नहीं चल सका और सदन में शोर-शराबे की स्थिति बन गई।
लोकसभा में तीखी नोकझोंक
कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने जवाब दिया, लेकिन उनके वक्तव्य के बाद भी विपक्ष शांत नहीं हुआ। लगातार हंगामे के चलते कार्यवाही को पहले दोपहर तक और बाद में पूरे दिन के लिए स्थगित करना पड़ा।
दोपहर बाद बैठक दोबारा शुरू होने पर पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने सूचीबद्ध कार्य पूरे कराए और सदन को 9 मार्च सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
राज्यसभा में अपेक्षाकृत शांत माहौल
उधर, राज्यसभा में प्रश्नकाल सामान्य रूप से चला। सदस्यों ने सभापति सी.पी. राधाकृष्णन की अनुमति से विभिन्न विषय उठाए। प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद सभापति ने उच्च सदन की कार्यवाही भी 9 मार्च तक स्थगित करने की घोषणा की।
पूर्व सांसद को श्रद्धांजलि
दिन की शुरुआत में लोकसभा ने पूर्व सांसद डॉ. भगवान दास राठौर के निधन पर शोक व्यक्त किया। सदस्यों ने मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
पहले चरण के समापन के साथ ही बजट सत्र का अगला चरण 9 मार्च से शुरू होगा। कफ सिरप से जुड़ा विवाद आगामी बैठकों में भी राजनीतिक बहस का केंद्र बना रह सकता है।



