Budget Session 2026: संसद में हंगामेदार शुरुआत, राहुल गांधी के बयान पर घमासान

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का पहला चरण अपने अंतिम दिनों में पहुंच गया है। गुरुवार सुबह 11 बजे लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, जहां निर्धारित कार्यसूची के तहत कई अहम रिपोर्ट और दस्तावेज सदन के पटल पर रखे गए। सत्र का पहला चरण 13 फरवरी को समाप्त होगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा।
आज की कार्यवाही में विभिन्न मंत्रालयों से संबंधित प्रतिवेदन पेश किए जाने के साथ-साथ बैंक खातों में न्यूनतम शेष राशि नहीं रखने पर लगाए जाने वाले दंड शुल्क से जुड़े मुद्दे पर संसदीय समिति की चौथी रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जानी है।
इस दौरान स्थायी समिति की 29वीं रिपोर्ट भी सदन में रखी गई, जिसमें बदलते वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच भारत की विकास रणनीति पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई का ब्यौरा शामिल है। साथ ही ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025’ पर संयुक्त समिति की रिपोर्ट पेश करने की समयसीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भी सामने आया।
संसद परिसर में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी सहित अन्य दलों के सांसदों ने मांग की कि इस समझौते का पूरा विवरण संसद में रखा जाए और इस पर व्यापक चर्चा कराई जाए। विपक्ष का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समझौते पर पारदर्शिता आवश्यक है।
राहुल गांधी के हालिया बयान को लेकर भी राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। कांग्रेस नेताओं ने उनके वक्तव्य का समर्थन करते हुए इसे जनहित से जुड़ा मुद्दा बताया, जबकि भाजपा ने इसे भ्रामक और असंसदीय करार दिया। भाजपा सांसदों ने चेतावनी दी कि यदि आरोपों के समर्थन में तथ्य प्रस्तुत नहीं किए गए तो विशेषाधिकार प्रस्ताव लाया जा सकता है।
इसी बीच कुछ विपक्षी दलों ने प्रस्तावित नीतियों और विधेयकों के विरोध में ट्रेड यूनियनों के रुख का समर्थन किया और सरकार पर श्रमिक हितों की अनदेखी का आरोप लगाया।
बुधवार को भी दोनों सदनों में केंद्रीय बजट 2026-27 पर चर्चा जारी रही। सत्र के पहले चरण के समापन से पूर्व कई विधायी और प्रक्रियागत कार्य पूरे किए जाने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में संसद की कार्यवाही और अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



