हाईवे पर सफर करने वालों के लिए जरूरी जानकारी, टोल प्लाजा पर नकद भुगतान बंद

नई दिल्ली : अब हाईवे पर सफर करने वालों के लिए टोल भुगतान का तरीका पूरी तरह बदलने जा रहा है। 1 अप्रैल से देशभर के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान बंद कर दिया जाएगा और टोल केवल FASTag या UPI जैसे डिजिटल माध्यमों से ही वसूला जाएगा। यह कदम सफर को तेज, आसान और पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है।
कैशलेस टोलिंग का ट्रायल जारी
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने पहले 25 टोल प्लाजा पर ‘नो-स्टॉप’ कैशलेस टोलिंग सिस्टम का परीक्षण किया है। मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर के अनुसार, इसका उद्देश्य टोल बूथ पर लगने वाली लंबी कतारों और जाम को समाप्त करना है। ट्रायल सफल होने के बाद इस व्यवस्था को पूरे देश में लागू किया जाएगा।
जाम और समय की बर्बादी से मिलेगी राहत
अभी भी कई टोल प्लाजा पर FASTag होने के बावजूद नकद भुगतान की सुविधा मौजूद है, जिससे सफर के दौरान विलंब होता है। 1 अप्रैल से कैश बंद होने के बाद वाहनों को टोल बूथ पर रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे यात्रा तेज और आरामदायक होगी।
सरकार के लाभ और योजना
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय का कहना है कि कैशलेस टोलिंग से ईंधन की बचत होगी और टोल वसूली में पारदर्शिता आएगी। यह कदम भविष्य में मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम की दिशा में पहला कदम है, जिसमें टोल नाके कैमरे और सेंसर के जरिए स्वतः कटेंगे, और ड्राइवरों को बिल्कुल रुकना नहीं पड़ेगा।
ड्राइवरों के लिए जरूरी सलाह
सभी वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि 1 अप्रैल तक अपना FASTag सक्रिय रखें और पर्याप्त बैलेंस सुनिश्चित करें। जिनके पास FASTag नहीं है, वे UPI पेमेंट की सुविधा चालू रखें। डिजिटल भुगतान के बिना टोल प्लाजा पर पहुंचने पर जुर्माना या परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
इस कदम के साथ देशभर के हाईवे सफर को और तेज, सुविधाजनक और आधुनिक बनाया जाएगा।



