वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक पारी, वैभव सूर्यवंशी ने सबसे कम गेंदों में पूरे किए 50 रन

नई दिल्ली : युवा क्रिकेटरों को लेकर जल्दबाजी में राय बनाना अक्सर गलत साबित होता है और वैभव सूर्यवंशी ने यह बात एक बार फिर सच कर दिखाई है। अंडर-19 विश्व कप 2026 के पहले मैच में नाकाम रहने के बाद आलोचनाओं का सामना कर रहे वैभव ने अगले ही मुकाबले में ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने सभी सवालों को शांत कर दिया। महज 14 वर्ष की उम्र में उन्होंने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो अब तक टूर्नामेंट के इतिहास में दर्ज नहीं था।
बांग्लादेश के खिलाफ संकट में दिखाया दम
शनिवार को बुलावायो में खेले गए मैच में भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। शुरुआती ओवरों में ही दो विकेट गिरने से दबाव साफ नजर आ रहा था। ऐसे समय में वैभव सूर्यवंशी ने मोर्चा संभाला और बिना घबराए आक्रामक बल्लेबाजी शुरू की। लगातार गिरते विकेटों के बीच उन्होंने रन गति बनाए रखी और बांग्लादेशी गेंदबाजों पर दबाव बनाते रहे।
रिकॉर्डतोड़ अर्धशतक, बना नया इतिहास
वैभव ने 13वें ओवर की अंतिम गेंद पर एक रन लेकर अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने सिर्फ 30 गेंदों में 50 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। यह अंडर-19 विश्व कप 2026 का सबसे तेज अर्धशतक साबित हुआ। इसी के साथ वैभव इस टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे कम उम्र में अर्धशतक जड़ने वाले बल्लेबाज बन गए। 14 साल 296 दिन की उम्र में उन्होंने यह उपलब्धि हासिल कर अफगानिस्तान के शाहिदुल्लाह कमाल का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।
शतक से पहले रुके, फिर भी छोड़ी गहरी छाप
अर्धशतक के वक्त भारतीय टीम का स्कोर 68 रन था, जिसमें अकेले वैभव के 50 रन शामिल थे। इसके बाद उन्होंने अभिज्ञान कुंडू के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी निभाते हुए टीम को 100 के पार पहुंचाया। हालांकि 27वें ओवर में 72 रन बनाकर वैभव आउट हो गए और शतक से चूक गए। उन्होंने 67 गेंदों में 6 चौके और 3 छक्कों के साथ यह यादगार पारी खेली। उनके आउट होने के बाद अभिज्ञान कुंडू ने भी अर्धशतक जमाकर भारत की पारी को मजबूती दी।
कुल मिलाकर, वैभव सूर्यवंशी की यह पारी न सिर्फ रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुई, बल्कि यह भी साबित कर गई कि प्रतिभा को परखने के लिए धैर्य जरूरी होता है।



