ईसीआईनेट ऐप के अपग्रेड की तैयारी, चुनाव आयोग ने नागरिक सहभागिता बढ़ाई

नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने डिजिटल चुनावी सेवाओं को और अधिक सुलभ, तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आयोग ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे नई ईसीआईनेट मोबाइल एप्लिकेशन को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव साझा करें, ताकि यह प्लेटफॉर्म आम मतदाताओं की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा सके।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि नागरिक 10 जनवरी तक ईसीआईनेट ऐप में उपलब्ध “Submit a Suggestion” विकल्प के माध्यम से अपनी राय और सुझाव दर्ज कर सकते हैं। आयोग के अनुसार, यह ऐप फिलहाल ट्रायल चरण में है, लेकिन इसके शुरुआती परिणाम उत्साहजनक रहे हैं। मतदान से जुड़े आंकड़े अब पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी से उपलब्ध हो रहे हैं और मतदान समाप्त होने के महज 72 घंटे के भीतर इंडेक्स कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जबकि पहले इस प्रक्रिया में काफी समय लगता था।
ईसीआईनेट ऐप का परीक्षण बिहार विधानसभा चुनाव 2025 और विभिन्न उपचुनावों के दौरान सफलतापूर्वक किया गया था। इन चुनावों से मिले अनुभव और फीडबैक के आधार पर ऐप के फीचर्स को लगातार अपग्रेड किया जा रहा है।
आयोग ने बताया कि ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म के विकास में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, पर्यवेक्षक और फील्ड में तैनात अधिकारियों से प्राप्त सुझावों को शामिल किया गया है। अब आम नागरिकों से मिलने वाले फीडबैक को भी जोड़कर इसे और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने की तैयारी है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का आधिकारिक शुभारंभ इसी महीने किए जाने का प्रस्ताव है।
ईसीआईनेट, निर्वाचन आयोग की प्रमुख डिजिटल पहलों में से एक है, जिसे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू तथा डॉ. विवेक जोशी के मार्गदर्शन में विकसित किया गया है। इस परियोजना पर काम 4 मई 2025 को इसकी घोषणा के बाद शुरू किया गया था।
इस ऐप की खास बात यह है कि इसमें पहले अलग-अलग मौजूद लगभग 40 चुनाव संबंधी ऐप और वेबसाइटों को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया गया है। इसमें वोटर हेल्पलाइन, सीविजिल, सक्षम, पोलिंग ट्रेंड्स और ‘अपने उम्मीदवार को जानें’ जैसे अहम फीचर्स शामिल हैं, जिससे मतदाताओं को सभी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें।
ईसीआईनेट ऐप गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर दोनों पर उपलब्ध है। निर्वाचन आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐप डाउनलोड कर अपने सुझाव साझा करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक सशक्त बनाने में भागीदार बनें।



