जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर अमित शाह की पहली प्रतिक्रिया, विपक्ष पर साधा निशाना

नई दिल्ली | पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को लेकर लगाई जा रही राजनीतिक अटकलों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को कड़ी प्रतिक्रिया दी है। शाह ने कहा कि धनखड़ ने केवल स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ा है और विपक्ष इसे बेवजह राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है।
गृह मंत्री ने कहा – “धनखड़ जी ने अपने कार्यकाल में संविधान के दायरे में रहकर सराहनीय काम किया है। स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण उन्होंने इस्तीफा दिया है। इसमें राजनीति तलाशना उचित नहीं है।”
विपक्ष की मंशा पर सवाल
अमित शाह ने 130वें संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चाहता है कि अगर उसके नेता जेल जाएँ तो वहीं से सरकार चलाएँ। शाह ने कहा – “वे जेल को मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री निवास बनाना चाहते हैं। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था में संभव नहीं है।”
उन्होंने विश्वास जताया कि संसद में यह विधेयक आसानी से पारित होगा क्योंकि कांग्रेस समेत विपक्ष के कई जिम्मेदार नेता भी नैतिकता के आधार पर इसका समर्थन करेंगे।
केजरीवाल का उदाहरण दिया
अमित शाह ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि यह कानून पहले से लागू होता तो उन्हें जेल जाने के बाद तुरंत इस्तीफा देना पड़ता। उन्होंने याद दिलाया कि केजरीवाल ने न्यायिक हिरासत में जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट के कहने पर इस्तीफा दिया था।
जेपीसी से दूरी पर निशाना
गृह मंत्री ने विपक्ष पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से दूर रहने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के शामिल न होने पर भी समिति अपना काम करती रहेगी और जनता सब कुछ देख रही है।