नितिन गडकरी के बयान से सियासी हलचल तेज, बोले- अब नई पीढ़ी को मिले मौका

नागपुर। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का एक बयान इन दिनों राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में गडकरी ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन और उम्र का जिक्र करते हुए कहा कि अब वह पहले की तरह ज्यादा सामाजिक काम नहीं कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि अब नई पीढ़ी को आगे आकर जिम्मेदारी संभालनी चाहिए, जबकि पुराने लोग उनका मार्गदर्शन करते रहें।
‘अब नई पीढ़ी के हाथों में होना चाहिए काम’
नागपुर में ‘एकलव्य एकल विद्यालय शिक्षक-पर्यवेक्षक प्रशिक्षण वर्ग’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि वह खुद को कोई प्रेरणा स्रोत नहीं मानते। उन्होंने कहा कि जब वह ज्यादा काम कर सकते थे, तब उन्होंने काफी काम किया, लेकिन अब उनका सामाजिक कार्यों में पहले की तुलना में कम भागीदारी हो पाती है।
गडकरी ने कहा कि उन्होंने सभी से यह बात कही है कि अब काम नई पीढ़ी के हाथों में सौंपना चाहिए। उनके मुताबिक, पुराने लोग नए लोगों का मार्गदर्शन करें तो काम का दायरा और तेजी से बढ़ाया जा सकता है।
आदिवासी गांवों के विकास पर जोर
सामाजिक कार्यों के विस्तार पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में यह प्रयास इतना व्यापक होना चाहिए कि महाराष्ट्र का कोई भी आदिवासी गांव विकास की रोशनी से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि इस बदलाव की जिम्मेदारी सभी की है और इसे धरातल पर उतारना ही संबंधित सामाजिक संस्था का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए।
‘पहले समोसा खाकर सो जाता था’
गडकरी ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए अपनी जीवनशैली में आए बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पार्टी के लिए काम करने के दौरान खान-पान का कोई निश्चित समय नहीं रहता था और कई बार वह समोसा खाकर ही सो जाया करते थे।
उन्होंने बताया कि कोरोना काल के बाद उन्होंने अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देना शुरू किया और अब नियमित रूप से व्यायाम करते हैं।
‘स्वास्थ्य ठीक नहीं तो सत्ता और पद का क्या मतलब?’
गडकरी ने स्वास्थ्य के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इंसान का स्वस्थ रहना सबसे ज्यादा जरूरी है। उनके मुताबिक, यदि व्यक्ति स्वस्थ ही नहीं रहेगा तो सत्ता और पद का कोई खास औचित्य नहीं रह जाता।
गडकरी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, उनके बयान को सीधे तौर पर किसी राजनीतिक पद या सक्रिय राजनीति से हटने की घोषणा के रूप में नहीं देखा जा सकता।



