मतदाता सूची पुनरीक्षण: चुनाव आयोग ने हटाए गए 65 लाख नामों की सूची की सार्वजनिक

पटना। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद चुनाव आयोग ने बिहार की मतदाता सूची से हटाए गए 65 लाख नामों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह सूची सभी जिला मजिस्ट्रेटों की वेबसाइटों पर उपलब्ध करा दी गई है।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सप्ताह चुनाव आयोग को आदेश दिया था कि हटाए गए मतदाताओं की सूची पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक की जाए। इसी के तहत बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पूरी कर नामों की जानकारी जारी की गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि भारत में चुनावी व्यवस्था बहु-स्तरीय और विकेंद्रीकृत ढांचे पर आधारित है। मतदाता सूची तैयार करने की जिम्मेदारी इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (ईआरओ) और बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) की होती है, जो एसडीएम स्तर के अधिकारी रहते हैं। सूची की सटीकता सुनिश्चित करना इन्हीं अधिकारियों का दायित्व है।
उन्होंने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची 1 अगस्त को प्रकाशित की गई थी। इस पर 1 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। इस अवधि में नागरिक और राजनीतिक दल दोनों पात्र मतदाताओं को जोड़ने और अपात्र नामों को हटाने का आवेदन कर सकते हैं। अंतिम सूची इन्हीं सुधारों के आधार पर प्रकाशित होगी।
ज्ञानेश कुमार ने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक दल विशेष पुनरीक्षण को लेकर भ्रामक प्रचार कर रहे हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया कानूनी और पारदर्शी है। साथ ही लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।